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अब बंजर खेतों की सेहत भी सुधारेगा कीवी, किसानों के लिए बनेगा आय का नया साधन

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उत्तराखंड सरकार ने पर्वतीय क्षेत्रों में खेती को नई दिशा देने के लिए कीवी की खेती को बढ़ावा देने की योजना पर काम तेज कर दिया है। इस पहल से जहां बंजर और कम उपजाऊ खेतों की सेहत सुधरेगी, वहीं किसानों की आय में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। खास बात यह है कि कीवी की खेती को जंगली जानवरों से कम नुकसान होता है, जो पहाड़ी इलाकों में किसानों के लिए सबसे बड़ी चुनौती रही है।

सरकार ने नई कीवी नीति के तहत अगले साल से प्रदेश में लगभग 300 हेक्टेयर क्षेत्र में कीवी के नए उद्यान लगाने का लक्ष्य तय किया है। वर्तमान में उत्तराखंड में कीवी की खेती सीमित दायरे में हो रही है, लेकिन इस नई नीति के लागू होने के बाद इसका रकबा तेजी से बढ़ेगा। नीति के अनुसार वर्ष 2030 तक प्रदेश में करीब 3500 हेक्टेयर क्षेत्र में कीवी के बागान विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार कीवी की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को 70 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रही है। इससे छोटे और सीमांत किसानों को इस फसल को अपनाने में आर्थिक मदद मिलेगी। उद्यान विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कीवी एक उच्च मूल्य वाली फसल है, जिसकी बाजार में अच्छी मांग है। इसके उत्पादन से किसानों को पारंपरिक फसलों की तुलना में अधिक लाभ मिलेगा।

कीवी की खेती के लिए उत्तरकाशी, बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़ और चंपावत जैसे जिलों को विशेष रूप से उपयुक्त माना गया है। इन क्षेत्रों की जलवायु और मिट्टी कीवी उत्पादन के लिए अनुकूल है। फिलहाल प्रदेश में लगभग 683 हेक्टेयर क्षेत्र में कीवी की खेती हो रही है, जिसे आने वाले वर्षों में कई गुना बढ़ाने की योजना है। विशेषज्ञों के अनुसार, कीवी की खेती से न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि पोषण के स्तर में भी सुधार होगा। कीवी फल विटामिन-सी, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जिससे इसकी मांग घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार बढ़ रही है।

उद्यान मंत्री गणेश जोशी का कहना है कि कीवी की खेती पहाड़ी किसानों के लिए वरदान साबित हो सकती है। जंगली जानवर आमतौर पर कीवी की फसल को नुकसान नहीं पहुंचाते, जिससे फसल सुरक्षा की चिंता भी कम होती है। सरकार किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण, पौध सामग्री और विपणन में भी सहयोग दे रही है। कुल मिलाकर, कीवी की खेती उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, बंजर भूमि के उपयोग और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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Hill Mail

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