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लॉकडाउन में उत्तराखंड के बेसहारा लोगों का सहारा बनी जन मानस सेवा संस्था

कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए चल रहे लॉकडाउन में गरीबों और बेसहारा लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इनमें बहुत से लोग ऐसे हैं जिनको जरूरत तो है लेकिन मांग नहीं सकते। उत्तराखंड में ऐसे बेसहारा लोगों की मदद के लिए जन मानस सेवा संस्था दिन-रात काम कर रही है। संस्था द्वारा एक व्यवस्था के तहत पुलिस के साथ तालमेल बिठाकर काम किया जा रहा है। संस्था के सदस्य क्षेत्र और काम बांटकर जरूरतमंद लोगों को खाना और राशन पहुंचा रहे हैं।

 

संस्था के अध्यक्ष पारितोष सेठ के मुताबिक, पिछले दो हफ्तों से प्रदेश के लगभग सभी शहरों में मास्क, सैनिटाजर, राशन और खाना पहुंचाया जा रहा है। जनहित के इस काम में दीपक नेगी स्लम बस्ती में भोजन पहुंचा रहे हैं। हिमांशु कपूर सैनिटाजिंग एंड हेल्थ एक्सपर्ट के रोल में हैं। संजीव गुप्ता निम्न मध्यमवर्गीय परिवारों की भोजन की व्यवस्था करा रहे हैं।

 

अखिलेश शर्मा स्लम बस्ती और निम्न आय वर्ग के लगभग 5000 से ज्यादा लोगों के भोजन व्यवस्था कर चुके हैं। गौरव मित्तल हरिद्वार में पुलिस के उन जवानों की भोजन की व्यवस्था कर रहे हैं, जो इस महासंकट के समय दिन-रात अपनी ड्यूटी पर तैनात हैं।

 

देवेंद्र पाल कच्चा राशन पहुंचाने का काम देख रहे हैं। अभिषेक चौधरी बिहार के लोगों की राशन व्यवस्था संभाल रहे हैं। राजपाल तोमर प्रेम नगर सहसपुर में भोजन व्यवस्था देख रहे हैं। वहीं बेतालघाट के भुवन सिंह नैनीताल में पुलिस के साथ सहयोग से लोगों तक राशन  की व्यवस्था कर रहे हैं। अंकित शर्मा सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक जरूरी सूचनाएं पहुंचा रहे हैं।

प्रमोद रावत डिजिटल मीडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रहे हैं। नितिन अग्रवाल मेडिकल संबंधित और पशु-पक्षियों के भोजन की व्यवस्था कर रहे हैं। राहुल पंत कालाढूंगी में भोजन व्यवस्था की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। वहीं आशीष रस्तोगी फंड मैनेजमेंट और राशन खरीद का काम देख रहे हैं।

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Hill Mail

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