लेफ्टिनेंट जनरल विजय कुमार मिश्रा भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) के 51वें कमांडेंट बन गये हैं उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह का स्थान लिया जो 40 साल की सेवा के बाद भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हुए। लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ने युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद आईएमए की कमान बैटन नए कमाडेंट लेफ्टिनेंट जनरल वीके मिश्रा को सौंपकर विदाई ली।
भारतीय सैन्य अकादमी के पूर्व छात्र लेफ्टिनेंट जनरल विजय कुमार मिश्रा ने दिसम्बर 1985 में जम्मू और कश्मीर राइफल्स की 17वीं बटालियन में कमीशन प्राप्त किया। वह डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन से स्नातक हैं, उन्होंने आर्मी वॉर कॉलेज, महू में हायर कमांड कोर्स और नई दिल्ली में प्रतिष्ठित राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज से कोर्स किया है।

जनरल ऑफिसर के पास तीन दशकों से अधिक का एक बहुत ही समृद्ध और विभिन्न ऑपरेशन अनुभव है, वह जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर रह चुके हैं जहां वह एक ऑपरेशन में घायल हो गये थे, उन्होंने दक्षिण कश्मीर में विभिन्न चुनौतीपूर्ण काउंटर इंसर्जेंसी ऑपरेशन में भी भाग लिया है उन्होंने त्रिपुरा में असम राइफल्स के साथ काम किया है।
लेफ्टिनेंट जनरल विजय कुमार मिश्रा ने कई चुनौतीपूर्ण कमांड में भी काम किया है। उन्होंने सियाचिन ग्लेशियर और कश्मीर में बटालियन की कमान संभाली, वह उग्रवाद से ग्रसित क्षेत्र असम राइफल सेक्टर में कमांडर चुके हैं। वह उत्तर पूर्व में माउंटेन डिवीजन के जीओसी भी थे जिनकी भारत-चीन सीमा पर लड़ाई के समय महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने स्ट्राइक डिवीजन के संचालन शाखा के प्रमुख के साथ-साथ माउंटेन स्ट्राइक कोर जैसे महत्वपूर्ण कर्मचारियों की नियुक्तियों में भी काम किया है। आईएमए के कमांडेंट बनने से पहले वह 20 फरवरी से दिल्ली क्षेत्र के जीओसी थे।


Leave a comment