Friday , 4 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ उत्तराखंड में बादल फटने और भारी बारिश के कारण कई मार्ग हुए अवरूद्ध
उत्तराखंड न्यूज़ताज़ा ख़बरदेहरादून

उत्तराखंड में बादल फटने और भारी बारिश के कारण कई मार्ग हुए अवरूद्ध

उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थानों में भारी नुकसान हुआ है। लोहाघाट क्षेत्र में नेपाल सीमा के पास मटियानी में बादल फटने से भारी तबाही मच गई है। बताया जा रहा है कि सैलाब की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई। दो लोग घायल हो गए हैं।

एसडीएम लोहाघाट रिंकु बिष्ट ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि लोहाघाट ब्लॉक के मटियानी में बादल फट गया था, जिस कारण इलाके में लैंडस्लाइड हुआ। पहले सूचना मिली थी कि लैंडस्लाइड की चपेट में पांच लोग आए है, लेकिन बाद में पता चला कि दो बच्चों पहले ही कही सुरक्षित स्थान पर चल गए थे।

दो लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया था। दोनों को हल्की चोटें ही आई हैं। एक महिला का कुछ पता नहीं चल पा रहा था, लेकिन शाम तक महिला का शव भी मिल गया। मृतक महिला की शिनाख्त 60 वर्षीय शांति देवी के रूप में हुई है।

एसडीएम लोहाघाट रिंकु बिष्ट के मुताबिक ठोरजा में भी गौशाला की दीवार ढह गई थी। दीवार के नीचे आने से माधवी देवी (55) पत्नी पीतांबर भट्ट की मौत हो गई। एसडीएम लोहाघाट रिंकु बिष्ट ने यह जानकारी दी है।

इसके अलावा भारी बारिश के कारण चंपावत जिले के भिंगराडा में भी दो मंजिला धर्मशाला भारी बारिश में ढह कर खाई में गिर गई। राहत की बात यह है कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। इसके अलावा आमोडी डिग्री कॉलेज भी पूरी तरह से कोइराला नदी की चपेट गया। इस इलाके में करीब 6 मकान भूस्खलन की वजह से जमींदोज हो गए हैं। भारी बारिश के चलते कई गांव में बिजली पानी की सप्लाई भी पूरी तरह से ठप्प है।

वहीं, टनकपुर-पिथौरागढ़ मार्ग पर कई जगह पर टूटा हुआ है। यहां पर करीब 30 मीटर रास्ता बह गया है। जिसके कारण यात्री जगह-जगह फंसे हुए हैं। जिनको निकालने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के निर्देश दिए हैं।

इसके अलावा थराली चेपड़ों के पास थराली देवाल मोटर मार्ग पर भूस्खलन से चीड़ के दो बडे पेड़ सड़क पर आए। जिससे सड़क 12 घंटे से बंद है। लोनिवि की जेसीबी मशीन से पेड़ नहीं हट पा रही। वहीं कर्णप्रयाग के पास चटवापीपल में बद्रीनाथ हाइवे बंद है। यहां कई यात्री वाहन फंसे हैं।

उधर, यमुनोत्री हाईवे मलबा बोल्डर पत्थरों के आने से व कटाव के चलते जगह-जगह हाईवे बंद हैं, जिसके कारण जगह-जगह श्रद्धालुओं के साथ ही स्थानीय लोग हाईवे खुलने की इंतजारी में घंटों से खड़े हैं। यमुनोत्री हाईवे राडी के निकट बंद होने से यमुना घाटी का जिला मुख्यालय से सम्पर्क कटा हुआ है।

वहीं उत्तरकाशी में पिछले तीन-चार दिनों से रूक-रूककर बारिश के चलते तापमान गिरने से ठंड ने करीब एक माह पूर्व ही दस्तक दे दी है। भूस्खलन से मसूरी लंढौर-टिहरी मार्ग वुडस्टॉक स्कूल के निकट बंद है। प्रदेश के कुमाऊं के कुछ जिलों में मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से बारिश का अलर्ट जारी किया गया।

बारिश के कारण अवरूद्व मोटर मार्गो को सुचारू करने के लिए जिला प्रशासन रातदिन जुटा है। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कमेडा और नंदप्रयाग में लगातार भूस्खलन और पहाडी से पत्थर गिरने के कारण सड़क को सुचारू करने में व्यवधान हुआ है। हालांकि नंदप्रयाग में बाईपास से आवाजाही सुचारू है। जबकि कमेडा में मार्ग को सुचारू कर दिया गया है।

जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने कहा कि विगत रात्री को बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग कमेडा में बाधित होने के कारण वहां पर फसे 130 तीर्थयात्रियों के लिए जिला प्रशासन द्वारा रात्रिविश्राम और भोजन की व्यवस्था की गई। जोशीमठ-मलारी मोटर मार्ग पर लाता के पास दोनों तरह से सड़क बंद होने पर वहां पर भी रात्रि को 40 लोग फंस गए थे, जिन्हें एसडीआरएफ की मदद से सकुशल रेस्क्यू कर लिया गया है और मोटर मार्ग को छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है।

बारिश के कारण जनपद में अभी 46 ग्रामीण मोटर मार्ग बाधित हुए है। वही थराली, कर्णप्रयाग और गैरसैंण में विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है जिसको सुचारू करने के लिए यूपीसीएल काम कर रहा है। सुरक्षा के दृष्टिगत आज सभी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। सभी अधिकारियों को अलर्ट रहने और स्थानीय लोगों को नदी-नालों से दूर रहने के साथ मार्ग सुचारू होने पर यात्रा को टालने की सलाह दी गई है। ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक स्तर पर एहतियात के तौर पर सुरक्षा हेतु जरूरी कदम उठाए जा रहे है।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...