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घर पर रहें! नैनीताल, मसूरी में मिले दिल्ली से लौटे कई जमाती

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उत्तराखंड से दिल्ली जमात में शामिल होने गए लोगों की पहचान तेजी से हो रही है। इस बीच नैनीताल और मसूरी से कुछ लोग मिले हैं, जिन्हें फौरन क्वारंटीन किया जा रहा है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग कोई जोखिम उठाना नहीं चाहते इसलिए लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए लगातार कहा जा रहा है।

दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज में हुए धार्मिक कार्यक्रम से पूरे देश में हड़कंप है। उत्तराखंड के भी ऐसे लोगों की तलाश और जांच हो रही है, जो तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। रानीखेत में सात जमातियों को क्वारंटीन सेंटर भेजा गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक ये लोग खुद दिल्ली के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए थे, बल्कि उन लोगों के संपर्क में आए जो वहां से लौटे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात के तौर पर इन्हें अलग रखा है, जिससे अगर संक्रमण होता भी है तो दूसरे इसकी चपेट में न आएं।

इसी तरह से मसूरी में जमात से लौटने वाले 5 लोगों का स्वास्थ्य विभाग ने पता लगा लिया है। नैनीताल में ऐसे 8 लोग मिले हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आपको बता दें कि दिल्ली मरकज में शामिल होने करीब 34 लोग उत्तराखंड से गए थे, जिनकी तलाश और क्वारंटीन का काम जारी है।

पढ़ें- उत्तराखंड में बढ़ा कोरोना का खतरा, 280 तबलीगी जमाती ‘लापता’

इस बीच एक और जानकारी मिलने से प्रशासन अलर्ट हो गया है। दरअसल, तबलीगी जमात के तहत कुल 280 लोग उत्तराखंड से देश के अलग-अलग राज्यों में धर्म का प्रचार-प्रसार करने के लिए गए हुए हैं, जिनके बारे में बुधवार तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।

पढ़ें- रात 2 बजे एनएसए डोभाल पहुंचे निजामुद्दीन, तब बाहर आए जमाती

सरकार की तरफ से अपील की गई है कि जो भी लोग दिल्ली जमात से लौटे हैं, वे अपने बारे में खुद जानकारी दे दें जिससे संक्रमण को फैलने से रोका जा सका। राहत की बात यह है कि उत्तराखंड में बीते 24 घंटों में कोई नया मरीज नहीं मिला है।

हालांकि सरकार और स्वास्थ्य विभाग कोई जोखिम उठाना नहीं चाहता इसलिए लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए लगातार कहा जा रहा है।

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