कोरोना वायरस के चलते देशभर में 21 दिन का लॉकडाउन चल रहा है। ऐसे में गरीब तबके से कोई भी भूखा न रहे, इसके लिए अलग-अलग स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तराखंड सरकार ने राज्य में रजिस्टर्ड मजदूरों के खाते में एक हजार रुपये डाले हैं। हालांकि कई ऐसे परिवार हैं, जो रजिस्टर मजदूर नहीं है। इन लोगों को राहत पहुंचाने के लिए त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार एक बड़ी योजना शुरू करने जा रही है। राज्य में जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए ‘मोदी किचन’ की शुरूआत करने की योजना है।
मुख्यमंत्री के स्तर पर इस पर गंभीर चर्चा चल रही है। खुद सीएम रावत ने इस पर हुई चर्चा की जानकारी अपने सोशल मीडिया हैंडिल से जारी की है। उन्होंने फेसबुक पर लिखा, आज कोरोना वायरस को लेकर प्रदेश भाजपा संगठन के पदाधिकारियों के साथ मोदी किचन को लेकर विचार विमर्श किया। कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार और शासन प्रशासन की ही नहीं है अपितु यह तो पूरे मानव समाज की लड़ाई है। इसमें सभी राजनीतिक संगठनों, संस्थाओं और जनसाधारण का सहयोग बहुत अहम है। कोरोना वायरस को हराने के लिए जनजागरूकता बहुत जरूरी है। लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। ‘कोरोना वायरस’ के खिलाफ लड़ाई लड़ने में मदद करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने हालही में गरीबों के लिए “प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज” की घोषणा की है। इसमें किए गए विभिन्न उपायों का उद्देश्य निर्धनतम लोगों के हाथों में भोजन एवं पैसा देकर उनकी भरसक मदद करना है, ताकि उन्हें आवश्यक आपूर्ति या वस्तुओं को खरीदने और अपनी अनिवार्य जरूरतों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। हम सभी का दायित्व है कि गरीबों को इसमें दी गई राहत मिले और कोई भी गरीब भूखा न सोए। मुझे पूर्ण विश्वास है कि हम मिलकर कोरोना को हराने में सफल होंगे।
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कोरोना वायरस के चलते हुए लॉकडाउन से गरीब और दिहाड़ी मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। उत्तराखंड सरकार एक लाख से ज्यादा श्रमिकों के बैंक खातों में एक-एक हजार रुपये की धनराशि पिछले एक हफ्ते में भेज चुकी है। उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत श्रमिकों को लगातार वित्तीय मदद पहुंचाई जा रही है। अधिकारियों ने बताया है कि अब तक 1,01,492 श्रमिकों के बैंक खातों में पैसे भेजे जा चुके हैं। इतना ही नहीं, ज्यादा से ज्यादा श्रमिकों को योजना का लाभ मिले, इसके लिए नियमों में भी ढील दी गई है। आपको बता दें कि उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने 23 मार्च को उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत श्रमिकों को एक-एक हजार रुपये की सहायता राशि देने का निर्णय लिया था, जिससे लॉकडाउन के दौरान उन्हें भोजन आदि की दिक्कत न हो। उत्तराखंड में बोर्ड में पंजीकृत श्रमिकों की संख्या 3,02,600 है। 24 मार्च से इनके बैंक खातों में सहायता राशि भेजने का सिलसिला शुरू हुआ, जो अभी तक जारी है।


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