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…जब रात 2 बजे एनएसए डोभाल पहुंचे निजामुद्दीन, तब बाहर आए जमाती

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दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज से देशभर में कोरोना के फैलने का खतरा पैदा हो गया है। यहां तबलीगी जमात में शामिल 9 लोगों की मौत के बाद मरकज आए लोगों की तलाश, उनका टेस्ट और उन्हें क्वारंटीन किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। हालांकि मरकज से लोगों को समझा-बुझाकर बाहर निकालना इतना आसान नहीं था। जमात के लोग मरकज परिसर से बाहर आना ही नहीं चाहते थे। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को आगे आना पड़ा।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक निजामुद्दीन के पास स्थित मरकज को खाली कराना चुनौतियों से भरा था। पुलिस की चेतावनी के बाद भी जमात के लोग जिद पर अड़े थे। ऐसे में 28-29 मार्च की रात 2 बजे NSA डोभाल को उन्हें मनाने के लिए मरकज जाना पड़ा। मस्जिद के मौलाना साद पुलिस की बात मानने को तैयार नहीं थे। रिपोर्ट के मुताबिक गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से आग्रह किया कि वह जमात को मस्जिद खाली करने के लिए राजी करें।

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NSA के समझाने पर ही मरकज 167 तबलीगी वर्कर्स को अस्पताल में भर्ती कराने पर राजी हुआ। डोभाल के हस्तक्षेप के बाद ही जमात नेता मस्जिद की सफाई के लिए तैयार हुए। बताते हैं कि डोभाल ने मुसलमानों के साथ अपने पुराने संपर्कों का इस्तेमाल कर इस काम को बखूबी अंजाम दिया।

आपको बता दें कि दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में तबलीगी जमात में शामिल तेलंगाना के 6, तमिलनाडु, दिल्ली और मुंबई से 1-1 लोगों की मौत हो चुकी है। डोभाल के प्रयास से ही निजामुद्दीन स्थित मरकज से करीब 1,548 लोगों को निकाला गया है। इनमें से 441 में कोरोना के लक्षण पाए गए हैं और इन्हें दिल्ली के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा 1,107 लोगों को नरेला में आइसोलेशन में रखा गया है।

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गृह मंत्रालय के शीर्ष सूत्रों ने बताया कि डोभाल ने मौलाना साद को समझाया और वहां मौजूद लोगों का कोविड-19 टेस्ट कराने को कहा। साथ ही लोगों को क्वारंटीन में रखने की बात भी कही।

इस मामले में दिल्ली पुलिस ने मौलाना साद, डॉ. जीशान, मुफ्ती शहजाद, एम. सैफी, युनूस और मोहम्मद सलमान के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मरकज को बुधवार तड़के करीब 3.30 बजे यानी पूरे 5 दिन बाद खाली कराया गया। मरकज में करीब 2,100 लोग थे। मौलान साद 28 मार्च के बाद से लापता हैं। पुलिस ने उन्हें नोटिस भेजा है।

आपको बता दें कि इससे पहले दिल्ली में हुए दंगों के दौरान भी हालात को नियंत्रित करने और लोगों को समझाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को भेजा गया था। वह गलियों में घूम-घूमकर लोगों से मिले थे और विश्वास बहाल किया था। इसके बाद हालात सामान्य होते गए।

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Hill Mail

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