पलटन बाजार के कपड़ों के गोदाम में भीषण आग, अतिक्रमण और तारों के जाल ने बढ़ाई राहत कार्य की मुश्किलें

पलटन बाजार के कपड़ों के गोदाम में भीषण आग, अतिक्रमण और तारों के जाल ने बढ़ाई राहत कार्य की मुश्किलें

शहर के सबसे व्यस्त और पुराने कारोबारी क्षेत्रों में शामिल पलटन बाजार बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी का केंद्र बन गया, जब सरनीमल बाजार स्थित एक कपड़ों के गोदाम में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और इमारत की तीसरी मंजिल से उठती लपटों तथा धुएं के गुबार ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी। हालांकि समय रहते पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई, जिससे बड़ा हादसा टल गया। सुबह का समय होने और बाजार में अपेक्षाकृत कम भीड़ रहने के कारण जनहानि नहीं हुई, लेकिन आग ने भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया।

जानकारी के अनुसार सरनीमल बाजार स्थित गांधी संस और दुर्गा साड़ी वाली बिल्डिंग में इन दिनों लिफ्ट लगाने का कार्य चल रहा था। इसी सिलसिले में बुधवार सुबह तीसरी मंजिल पर वेल्डिंग का काम किया जा रहा था। तीसरी मंजिल पर ही कपड़ों का गोदाम भी मौजूद था, जहां बड़ी मात्रा में वस्त्र रखे गए थे। सुबह करीब 10 बजे अचानक गोदाम से धुआं उठता दिखाई दिया और कुछ ही देर में आग तेजी से फैल गई।

घटना की सूचना मिलते ही आसपास के व्यापारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। लोग तुरंत भवन से बाहर निकल आए और पुलिस व दमकल विभाग को सूचना दी गई। शहर कोतवाल हरिओम राज चौहान ने बताया कि सुबह करीब 10:20 बजे सूचना प्राप्त होते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा व्यवस्था संभालते हुए आसपास के क्षेत्र का यातायात रोक दिया गया। इससे राहत एवं बचाव कार्य में मदद मिली।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी अभिनव त्यागी के अनुसार प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण वेल्डिंग के दौरान निकली चिंगारी या शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। चूंकि गोदाम में बड़ी मात्रा में कपड़े रखे हुए थे, इसलिए आग ने तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया। ज्वलनशील सामग्री होने के कारण लपटें तेजी से फैलती चली गईं और तीसरी मंजिल को अपनी चपेट में ले लिया।

दमकल विभाग की छह गाड़ियों को आग बुझाने के लिए लगाया गया। आग भवन की ऊपरी मंजिल पर लगी होने के कारण दमकल कर्मियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर आसपास की इमारतों की छतों पर चढ़कर पानी की बौछार करनी पड़ी। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।

इस दौरान पलटन बाजार की वर्षों पुरानी समस्या भी एक बार फिर सामने आ गई। बाजार में फैले अतिक्रमण और बिजली व संचार तारों के जाल ने फायर ब्रिगेड की राह मुश्किल बना दी। संकरी गलियों, दुकानों के बाहर लगे फड़ों और सड़क पर खड़े वाहनों के कारण दमकल वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने में परेशानी हुई।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि आग वाली इमारत के सामने बिजली और अन्य उपयोगिता सेवाओं के तारों की मोटी लाइनें गुजर रही थीं। आग बुझाने से पहले क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद कराई गई। इसके बाद तारों को सुरक्षित ढंग से हटाकर पानी की पाइपलाइन आग वाले हिस्से तक पहुंचाई गई। इस पूरी प्रक्रिया में अतिरिक्त समय लगा, जिससे राहत कार्य प्रभावित हुआ।

स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि पलटन बाजार में अतिक्रमण लंबे समय से बड़ी समस्या बना हुआ है। दुकानों के बाहर लगाए जाने वाले फड़ों और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण बाजार की सड़कें संकरी हो जाती हैं। आपातकालीन स्थिति में यह स्थिति और अधिक खतरनाक साबित होती है।

घटना के बाद उत्तराखंड पिछड़ा वर्ग वर्मा और दून वैली महानगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज मैसोन ने प्रभावित व्यापारियों से मुलाकात की। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित व्यापारियों को उचित मुआवजा देने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। इस दौरान श्याम अग्रवाल, अर्चित डाबर और शेखर फुलेरा सहित कई व्यापारी भी मौजूद रहे।

इस घटना ने एक बार फिर बाजारों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं, अतिक्रमण हटाने और आपातकालीन मार्गों को खुला रखने की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि गोदामों में फायर अलार्म, स्प्रिंकलर सिस्टम और नियमित फायर सेफ्टी ऑडिट को अनिवार्य बनाया जाना चाहिए। साथ ही वेल्डिंग जैसे कार्यों के दौरान विशेष सावधानी बरतना भी आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

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