इस बैठक में Hanifl Centre, Mussoorie के निदेशक आकाश शाह, एडवेंचर टूर ऑपरेटर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ATOAI) के वाइस प्रेसिडेंट वैभव काला, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. पूजा गर्ब्याल सहित पर्यटन विभाग के अन्य साहसिक अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के मुख्य बिंदु
- जल, थल एवं वायु साहसिक गतिविधियों से जुड़े गाइडों को फर्स्ट एड, रेस्क्यू एवं आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण प्रदान किए जाने पर विस्तृत चर्चा हुई।
- यह प्रशिक्षण गाइडों की दक्षता बढ़ाने एवं पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक माना गया।
- बैठक में यह भी विचार किया गया कि वर्तमान में रिवर राफ्टिंग गाइडों की अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष निर्धारित है, जिसे 55 से 60 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है।
गाइडों के वर्गीकरण पर भी चर्चा
सदस्यों द्वारा यह सुझाव दिया गया कि गाइडों की योग्यता, अनुभव एवं कार्यक्षेत्र के अनुसार वर्गीकरण (कैटेगराइजेशन) किया जाए। इससे गाइड सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और पर्यटकों को एक सुरक्षित व उत्कृष्ट अनुभव प्राप्त हो सकेगा।
नए राफ्टिंग स्ट्रेच की पहचान
पर्यटन विभाग द्वारा ATOAI एवं UTDB के सहयोग से काली नदी सहित अन्य नदियों की रेकी (Survey) कर नए राफ्टिंग स्ट्रेच विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। इससे न केवल अनुभवी गाइडों को लंबे समय तक अवसर मिल सकेंगे, बल्कि राज्य में साहसिक पर्यटन के विस्तार को भी बल मिलेगा।
यह बैठक उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को सुरक्षित, टिकाऊ और रोजगारपरक दिशा में आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।


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