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केदारनाथ घाटी से 15 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं को किया गया रेस्क्यू, सभी कार्यदायी संस्थाओं ने निभाई अपनी जिम्मेदारी

केदारनाथ यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों में रुके 15 हजार से भी अधिक लोगों को पैदल तथा हवाई मार्ग से सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। इस रेस्क्यू अभियान में सभी कार्यदायी संस्थाओं ने अपना सहयोग किया है।

श्रीनिवास पोस्ती, गुप्तकाशी

केदारघाटी में पिछले महीने 31 जुलाई को श्री केदारनाथ के यात्रा मार्ग के मध्य भीमबली व लिंचोली के बीच बादल फटने से बहुत ज्यादा भूस्खलन हो गया था जिसमें कई हजारों यात्री श्री केदारनाथ धाम, रामबाड़ा, भीमबली व लिंचोली में फंस गये थे और उस दिन मानो यह लग रहा था कि इस काले खौफनाक मंजर से शायद ही कोई बचकर निकल पायेगा, लेकिन यह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यकुशलता का परिणाम है कि सभी लोगों को बिना समय गवाएं रेस्क्यू किया गया और सबको सकुशल सेफ जोन में लाया गया।

गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे, रुद्रप्रयाग जिलाधिकारी सौरभ गहरावर, सीइओ बीकेटीसी योगेंद्र सिंह का, पुलिस अधीक्षक विशाखा भदाणे, गढ़वाल रेंज आईजी करन सिंह नग्न्याल का भी बहुत बहुत धन्यवाद एवं आभार जिनकी अति कार्यकुशल प्रशासनिक सेवाओं के बिना इस रेस्क्यू मिशन का सफल होना असम्भव था। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं आईएएफ के सभी जवानों को भी बहुत बहुत आभार जो अडिगता से वहां पर तब तक खड़े रहे जब तक एक एक तीर्थ यात्री को रेस्क्यू नही किया गया। भारतीय वायु सेना के ‘वायुदूतों’ का भी हृदय की गहराइयों से धन्यवाद करते है जिन्होंने चीनूक एवं एमआई-17 के माध्यम से इस पूरे रेस्क्यू को सफल अंजाम दिया।

खराब मौसम के चलते वहां फंसे हुए लोग दुर्गम वैकल्पिक मार्गो से आने के लिए वाध्य हो गये थे और ऐसे में ग्राम चौमासी के लोगों द्वारा उनको गाइड किया गया, और उनको मुफ्त में रहने खाने की व्यवस्था करी गयी, जो यह दिखाता है, स्वयं दुर्गम परिस्थितियों रहने वाले चौमासी के लोगों ने उनकी पीड़ा को समझा और दुनिया को दिखाया कि अगर विपत्ति के समय अगर मानव, मानव के काम न आ सका तो समझ लो आपका जीवन व्यर्थ है, ग्राम पंचायत चौमासी की देवतुल्य जनता आपके इस गौरवमयी कृत्य को युगों युगों तक याद किया जायेगा और मेरा सरकार से निवेदन है और चौमासी से रामबाड़ा तक जल्द से जल्द मोटर मार्ग बनाया जाए और चौमासी को अंतिम गांव के बदले केदार घाटी का प्रथम गांव घोषित किया जाए। केदारसभा, बीकेटीसी, एवं सम्पूर्ण तीर्थ समाज के द्वारा केदारनाथ में फंसे यात्रियों के लिए विशाल भंडारों का आयोजन किया गया और मुफ्त आवासीय व्यवस्था प्रदान की गयी, आपके द्वारा मानवता का सुंदर परिचय दिया गया।

सभी व्यापारी भाइयों का भी हार्दिक धन्यवाद जिन्होंने जगह-जगह पर भण्डारों का आयोजन करवाया, रहने की व्यवस्था की, व्यापार सभा सोनप्रयाग, होटल श्री हरी, व्यापार सभा फाटा, रामपुर-सीतापुर, ग्राम शेरसी के लोगों का बहुत-बहुत आभार।

व्यापार सभा अध्यक्ष गुप्तकाशी चुन्नीलाल शर्मा एवं उनकी पूरी सभा का बहुत-बहुत आभार, दिनेश बगवाड़ी, सुबोध बगवाड़ी, संजय पोस्ती, पुष्पेंद्र प्रकाश शुक्ला, संजय सेमवाल एवं ग्राम पंचायत लमगौंडी का भी बहुत-बहुत आभार आपके द्वारा शोनितपुर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। ग्राम सभा ल्वारा-अर्न्द्वाडी की जनता का हार्दिक आभार जिनके द्वारा लवारा (तलगोण्डा) में भण्डारे का आयोजन किया गया।

प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष आशा नौटियाल, दायित्वधारी राज्य मंत्री चंडी प्रसाद भट्ट, भाजपा जिलाध्य्क्ष महावीर सिंह पंवार, आपका भी बहुत बहुत आभार एवं धन्यवाद। पूरी रेस्क्यू प्रकिया के दौरान मुख्यमंत्री धामी द्वारा कई बार प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने के लिए शेरसी पहुंचे, जहां उन्होंने लोगों से मुलाक़ात की और हेलीकॉप्टर से भी क्षेत्र का जायजा लिया और उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना।

उसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गृह मंत्री अमित शाह और परिवहन मंत्री नीतिन गडकरी से मुलाक़ात कर उनको आपदा ग्रस्त क्षेत्र की सम्पूर्ण समस्याओं से अवगत कराया। केदारभक्त नरेंद्र मोदी और पीएमओ इस पूरे क्षेत्र की पूरी मॉनिटरिंग कर रहे थे, और उनके कुशल नेतृत्व का ही परिणाम रहा की 15,000 हजार यात्रियों को सकुशल सेफ जोन तक पहुंचाया गया। मैं तहे दिल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं और मुझे उन पर गर्व है कि हमारे देश की बागडोर एक कुशल नेता के हाथ में है, जो प्रजा को खुद से ज्यादा प्राथमिकता देता है।

लेखक बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के सदस्य हैं।

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