मसूरी के ट्रैफिक जाम से मिलेगी बड़ी राहत, देहरादून–मसूरी नए हाईवे को मंजूरी

मसूरी के ट्रैफिक जाम से मिलेगी बड़ी राहत, देहरादून–मसूरी नए हाईवे को मंजूरी

माधो सिंह भंडारी ने पहाड़ काटकर नहर निर्माण का संकल्प लिया—एक ऐसा कार्य जिसे उस समय लोग असंभव मानते थे। 17वीं शताब्दी में उन्होंने इस नहर का निर्माण करवाया। इस परियोजना के अंतर्गत कठोर चट्टानों को काटकर लगभग 600 मीटर लंबी सुरंग बनाई गई, जो उस युग की अद्भुत इंजीनियरिंग क्षमता को दर्शाती है। लोककथाओं के अनुसार, देवी को प्रसन्न करने और नहर के सफल निर्माण के लिए उन्होंने अपने पुत्र की बलि दी थी।

पहाड़ों की रानी मसूरी में वीकेंड और छुट्टियों के दौरान लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से जूझ रहे पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने देहरादून से मसूरी के बीच प्रस्तावित 42 किलोमीटर लंबे नए राष्ट्रीय राजमार्ग के एलाइनमेंट को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 3500 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

दो बड़ी सुरंगें होंगी परियोजना की खासियत

इस नए हाईवे की सबसे अहम विशेषता इसमें बनने वाली दो प्रमुख सुरंगें हैं,

  • एक जॉर्ज एवरेस्ट क्षेत्र के नीचे 2.9 किलोमीटर लंबी सुरंग,
  • मसूरी की पहाड़ियों में लगभग 2 किलोमीटर लंबी सुरंग है।

इन सुरंगों के जरिए सड़क पहाड़ के आर-पार निकलेगी, जिससे तीखे मोड़ों, खड़ी चढ़ाइयों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों को काफी हद तक बायपास किया जा सकेगा। इससे सफर न केवल तेज और सुरक्षित होगा, बल्कि ट्रैफिक जाम की समस्या में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।

वर्तमान स्थिति और समस्या

वर्तमान में देहरादून से मसूरी जाने के लिए मुख्य रूप से एक ही मार्ग उपलब्ध है, जिस पर वीकेंड, छुट्टियों और पर्यटन सीजन में हालात बेकाबू हो जाते हैं। दूसरा विकल्प किमाड़ी रोड है, जो हर मानसून में बारिश और भूस्खलन के कारण कई बार बंद हो जाता है। नतीजतन पर्यटक घंटों जाम में फंसे रहते हैं, स्थानीय लोगों को दफ्तर, स्कूल और अस्पताल पहुंचने में परेशानी होती है, वहीं आपातकालीन सेवाओं को भी रास्ता नहीं मिल पाता।

नए हाईवे का रूट और फायदे

प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग झाझरा से शुरू होकर लाइब्रेरी चौक, मसूरी तक जाएगा। यह मार्ग चासकोट और दृखनिज नगर होते हुए एनएच-707ए (मसूरी–कैंपटीफॉल रोड) से जुड़ेगा। इससे मसूरी शहर के भीतर ट्रैफिक का दबाव बंटेगा और बाजार क्षेत्र में लगने वाले जाम पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा।

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

मसूरी उत्तर भारत के सबसे लोकप्रिय हिल स्टेशनों में से एक है। दिल्ली-एनसीआर से हर वीकेंड हजारों वाहन यहां पहुंचते हैं। नए हाईवे और सुरंगों के निर्माण से यात्रा सुगम होगी और पर्यटन सीजन के दौरान होने वाली अव्यवस्था पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।

एनएचएआई ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले मिट्टी, चट्टानों की स्थिरता और भूस्खलन की संभावनाओं की विस्तृत जांच की जाएगी। इसके लिए वाडिया हिमालयी भू-विज्ञान संस्थान के वैज्ञानिकों को एलाइनमेंट के अनुसार भूगर्भीय सर्वे का जिम्मा सौंपा गया है।

एनएचएआई का बयान

एनएचएआई परियोजना निदेशक सौरभ सिंह ने बताया, ‘देहरादून-मसूरी नए राष्ट्रीय राजमार्ग के एलाइनमेंट को स्वीकृति मिल चुकी है। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद निर्माण की अगली प्रक्रियाएं शुरू की जाएंगी।’

यदि सब कुछ योजना के अनुसार हुआ, तो यह नया हाईवे मसूरी के ट्रैफिक इतिहास में सबसे बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। सुरंगों के जरिए सफर न केवल तेज होगा, बल्कि पहाड़ों पर ट्रैफिक का बोझ भी काफी कम होगा। लंबे समय से जाम की समस्या से परेशान मसूरी आने-जाने वालों को इस परियोजना से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

Hill Mail
ADMINISTRATOR
PROFILE

विज्ञापन

[fvplayer id=”10″]

Latest Posts

  • यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित

    यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित0

    सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ कमेंडेशन मेडल और प्रशंसा पत्र से किया सम्मानित, आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को रक्षा क्षेत्र में उनकी निर्भीक पत्रकारिता के लिए चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया गया। सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित होने वाले ये देश के एक मात्र रक्षा पत्रकार हैं। सीडीएस ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ जनरल अनिल चौहान ने ३० मई को सेवानिवृत होने से पूर्व कई तीनों सेनाओं के कई अधिकारियों और जवानों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने सेनाओं के अलावा समाज के अलग अलग क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य करने वाले कुछ चुनिंदा लोगों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। मनजीत नेगी उनमें से एक हैं। मनजीत नेगी पत्रकारिता के क्षेत्र में। पिछले 25 साल से कार्यरत हैं।

    READ MORE
  • अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट

    अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट0

    देश में मौसम ने दो अलग-अलग रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में दस्तक देकर बारिश की उम्मीद जगा दी है, वहीं दूसरी ओर उत्तर और मध्य भारत के कई राज्य भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में 22 मई तक लू चलने का अलर्ट जारी किया है।

    READ MORE
  • ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ

    ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ0

    भारतीय वायुसेना के जांबाज योद्धाओं की बहादुरी की कहानियां हमेशा देशवासियों के भीतर गर्व और राष्ट्रभक्ति की भावना जगाती रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की, जिन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अदम्य साहस, असाधारण नेतृत्व और अद्भुत युद्ध कौशल का परिचय देकर भारतीय वायुसेना का मान बढ़ाया। दुश्मन के इलाके में आधी रात को अंजाम दिए गए इस बेहद जोखिम भरे मिशन में उन्होंने जिस धैर्य और सटीकता के साथ कार्रवाई की, वह आज भारतीय सैन्य इतिहास में वीरता की मिसाल बन चुकी है।

    READ MORE

Follow Us

Previous Next
Close
Test Caption
Test Description goes like this