Sunday , 6 September 2026
Home देश-विदेश कोरोना लॉकडाउनः घर से ही कीजिए मॉर्डन ऑर्ट गैलरी की वर्चुअल सैर…
देश-विदेशस्पेशल

कोरोना लॉकडाउनः घर से ही कीजिए मॉर्डन ऑर्ट गैलरी की वर्चुअल सैर…

national gallery of modern art launched virtual tour of its permanent collection amid lockdown

लॉकडाउन के बीच दिल्ली स्थित राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय (NGMA) ने अपने स्थायी कलेक्शन का वर्चुअल टूर लॉन्च कर दिया है। आपको बता दें कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए भारत में 21 दिनों का लॉकडाउन चल रहा है। लोगों के घरों से बाहर निकलने पर पाबंदी है। ऐसे में संस्कृति मंत्रालय के तहत आने वाले संग्रहालय और पुस्तकालय अगले आदेश तक के लिए जनता के लिए बंद कर दिए गए हैं। इस कारण राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय के स्थायी कलेक्शनों को देखने के लोग नहीं आ पा रहे हैं।

यह भी देखें – कोरोना से निपटने को CM रावत ने मांगी मदद, शेयर किए राहत कोष के एकाउंट नंबर

मौजूदा हालात में एनजीएमए के 66वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर 29 मार्च 2020 को आगंतुकों के लिए वर्चुअल टूर की सुविधा शुरू की गई। इसका फायदा यह है कि लोगों को शारीरिक रूप से NGMA आने की जरूरत नहीं है, अब वे घर में बैठे-बैठे कलेक्शन देख सकते हैं।

यह भी देखें – कोरोनाः देश भर में फंसे उत्तराखंडियों की मदद को आगे आया हंस फाउंडेशन

यह पहली बार है जब NGMA ने कला प्रेमियों के लिए इस तरह के वर्चुअल टूर की सुविधा शुरू की है। एनजीएमए के महानिदेशक श्री अद्वैत गणनायक ने कहा कि स्थायी संग्रह संस्थान के भंडार को दर्शाता है। एनजीएमए के वर्चुअल टूर में जानने और समझने के लिए बहुत कुछ है।

उन्होंने कहा कि वर्चुअल टूर मूर्तियां, पेंटिंग्स, प्रिंट्स हमारे रिजर्व कलेक्शन के छिपे खजाने को दिखाने की दिशा में एक कदम आगे की बात है। महानिदेशक ने आगे कहा कि एनजीएमए ने इस वर्चुअल टूर को हमारे मॉडर्न मास्टर्स को एक श्रद्धांजलि के तौर पर शुरू किया है और हमारा विश्वास है कि इससे लोगों में मूर्तियों, चित्रों और प्रिंट की विरासत के प्रति ज्यादा रुचि पैदा होगी।

आप भी इस लिंक http://www.ngmaindia.gov.in/index.asp पर जाकर वर्चुअल टूर का लुत्फ उठा सकते हैं।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles