Friday , 4 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ एनडीएमए के सदस्य राजेंद्र सिंह ने ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट में ‘माई लाइफ – माई लेसन’ पर व्याख्यान दिया
उत्तराखंड न्यूज़देहरादून

एनडीएमए के सदस्य राजेंद्र सिंह ने ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट में ‘माई लाइफ – माई लेसन’ पर व्याख्यान दिया

समुद्री सीमा की लंबे समय तक निगहबानी की कमान संभालने वाले उत्तराखंड के सपूत राजेंद्र सिंह आज देहरादून के ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट पहुंचे। एनडीएमए के सदस्य और कोस्ट गार्ड के पूर्व डीजी राजेंद्र सिंह ने ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट में छात्रों को सम्बोधित किया।

राजेंद्र सिंह ने छात्रों के उज्ज्वल और जीवंत भविष्य के लिए ‘माई लाइफ – माई लेसन’ पर एक व्याख्यान दिया। यह व्याख्यान निश्चित रूप से वास्तविक कहानियां और बच्चों के भविष्य के लिए बहुत अच्छा साबित होगा।

राजेंद्र सिंह ने अपने नेतृत्व में तटीय सुरक्षा के साथ-साथ कोस्ट गार्ड मानवीय जीवन की सुरक्षा के लिए चलाए जाने वाले अभियानों से चैतरफा प्रशंसा पाई। राजेंद्र सिंह इस रणनीतिक बल के शीर्ष पद को सुशोभित करने वाले तटरक्षक बल के पहले अधिकारी रहे। इससे पहले तक नौसेना के थ्री स्टार अधिकारी को यह पद दिया जाता था। उन्होंने बल को इसका प्रोफेशनल स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। उनके प्रयासों से देहरादून में तटरक्षक बल भर्ती केंद्र खुलने का रास्ता साफ हुआ है।

ग्राफिक एरा समूह के अध्यक्ष डॉ. कमल घनशाला उत्तराखंड में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा नाम हैं। देहरादून स्थित ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी को भारत की बेहतरीन डीम्ड यूनिवर्सिटियों में शुमार किया जाता है। यह उत्तराखंड और उत्तर भारत क्षेत्र के सबसे बेहतरीन शिक्षण संस्थानों में से एक है। उत्तराखंड के बच्चों को विशेष लाभ देने के लिए डॉ. कमल घनशाला ने वर्ष 2011 में ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी की शुरुआत की।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...