केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री मंत्री अजय भट्ट एवं प्रदेश सैनिक कल्याण मंत्री गणेश ने पवित्र मिट्टी कलश के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर श्रद्धांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। पौडी के गांधी मैदान में आयोजित ‘शहीद सम्मान यात्रा‘ कार्यक्रम के अवसर पर शहीदों के परिजनों को ताम्रपत्र व शॉल देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पर्वतीय रंगमंच के कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुति दी तथा छोटे बच्चों ने देश भक्ति गीत गाकर सभी को भाव विभोर किया।
इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों के अनुसार उत्तराखंड में पांचवां सैन्य धाम को बनाया जा रहा है, जिसके लिए प्रदेश के शहीदों के आंगन की पवित्र मिट्टी को एकत्र कर देहरादून ले जाया जाएगा। सैन्य धाम में सभी शहीदों के नाम अंकित किये जाएंगें। देश की सीमाओं की रक्षा कैसे करनी है प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमने जाना है। कहा कि यहां उपस्थित वीरांगनाएं जिन्होंने अपने पति, बेटों को खोया है, आज निश्चित तौर पर गौरवान्वित महसूस कर रही होंगी। कहा कि शहीद किसी एक का नहीं पूरे देश का है, इसी परिकल्पना को प्रधानमंत्री मोदी ने जाना है।
पहले सीमाओं पर वीर शहीद होते थे, लेकिन उनका पार्थिव शरीर घर नहीं आता था। प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने सैनिकों के सम्मान को जाना और कारगिल युद्ध के बाद सैनिकों के पार्थिव शरीर को ससम्मान राष्ट्रीय ध्वज में घर लाया जाता है तथा पूरे सैनिक सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाती है। जिस प्रकार अमर जवान ज्योति में सैनिकों के नाम दर्ज हैं उसी प्रकार देहरादून में भी सैन्यधाम में प्रदेश की शहीद सैनिकों के नाम दर्ज किए जाएंगे और वहां शहीदों को पूजा जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी सैनिकों का सम्मान करते हैं, इसलिए वे होली व दीपावली सैनिकों के साथ ही मनाते हैं। मोदी जी के नेतृत्व में 20 साल बाद सैन्य मामलों का विभाग बनाया गया है।
देश के पहले सीडीएस बिपिन रावत पौड़ी जिले के ही हैं, पूर्व थल सेना प्रमुख विपिन जोशी भी उत्तराखंड के ही निवासी थे। उन्होंने कहा कि अटल ने रोहतांग सुरंग का कार्य प्रारंभ करवाया था, जिसे वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्ण करवाया है, जिससे 6 माह तक बंद होने वाली सड़कें अब वर्षभर सुचारू रहती है। सुरंग बन जाने के बाद जम्मू कश्मीर और लद्दाख में सैनिकों को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ता है।
इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड वीरभूमि है, कोई भी युद्ध हो उसमें उत्तराखंड का सैनिक जरूर होता है। कहा कि देश की सेना में हर पांचवां सैनिक उत्तराखंड का निवासी है। शहीदों का सम्मान करना हर देशवासी का कर्तव्य है और सरकार सैनिकों का सम्मान करना जानती है। कारगिल युद्ध के बाद पहली बार सैनिकों के पार्थिव शरीर को तिरंगे झंडे में उनके परिजनों तक पहुंचाया गया, साथ ही शहीदों के परिजनों को पेट्रोल पंप व गैस एजेंसी दी जाने लगी।
इस अवसर पर विधायक मुकेश कोली, नगर पालिका अध्यक्ष यशपाल बेनाम, जिलाधिकारी गढ़वाल डॉ विजय कुमार जोगदण्डे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पी. रेणुका देवी, मेजर (से.नि.) करण सिंह सहित पूर्व सैनिक, एनसीसी के छात्र व स्थानीय निवासी उपस्थित रहे।




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