Saturday , 5 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ चमोली चमोली आपदा में लापता लोगों को मृत घोषित करने के लिए सरकार ने जारी की अधिसूचना, पढ़िए पूरी खबर
चमोलीउत्तराखंड न्यूज़

चमोली आपदा में लापता लोगों को मृत घोषित करने के लिए सरकार ने जारी की अधिसूचना, पढ़िए पूरी खबर

7 फरवरी को चमोली में आई भीषण आपदा में लापता लोगों के जीवित बचने की उम्मीद लगभग खत्म हो गई है। इस बीच, राज्य सरकार ने मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। सरकार द्वारा 21 फरवरी 2021 को जारी पत्र के अनुसार जांच के आधार पर किसी भी लोक सेवक की आख्या पर मृत्यु पंजीकरण किया जा सकता है। ऐसे मृत व्यक्ति जिनका मृत शरीर प्राप्त हो गया है, मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए पूर्व निर्धारित सामान्य प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

लापता व्यक्तियों के संबंध में जो भी संभावनाओं के अंतर्गत मृत हो गए हों, पर जिनका मृत शरीर प्राप्त न हुआ हो, उनके लिए यह निर्धारित करने के लिए व्यक्ति की मृत्यु राज्य में आई उक्त दैवीय आपदा में पूर्णतया संभावित रूप से हुई है, समस्त यथोचित प्रयत्न किया जाना चाहिए।

लापता व्यक्तियों के मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए प्रक्रिया निर्धारण के लिए 3 श्रेणियों में बांटा जाएगा और आगे की कार्यवाही की जाएगी।

  1. श्रेणी 1-  आपदा प्रभावित स्थानों के स्थायी निवासी तथा आपदा प्रभावित स्थान के निकटवर्ती स्थानों के स्थायी निवासी, जो आपदा के समय आपदा प्रभावित स्थानों में निवास करते थे।
  2. श्रेणी-2  उत्तराखंड के अन्य जिलों के लोग जो आपदा के समय वहां उपस्थित थे।
  3. श्रेणी-3  अन्य राज्यों के पर्यटक/व्यक्ति जो आपदा के समय आपदा प्रभावित स्थानों पर उपस्थित थे।

document-34_60334a38b0d77 पढ़िए पूरा आदेश

उस झील पर अहम बैठक

चमोली में फ्लैश फ्लड के बाद बनी झील क्या खतरनाक हो सकती है, इस पर आगे क्या फैसला लिया जाए, इसके साथ ही राहत एवं बचाव कार्य पर चर्चा के लिए आज एक अहम बैठक हो रही है। केंद्रीय गृह सचिव, आईटीबीपी के महानिदेशक एसएस देसवाल, उत्तराखंड के अधिकारियों और अन्य शीर्ष अधिकारियों के बीच यह बैठक हो रही है। सरकारी सूत्रों ने जानकारी दी है कि इस दौरान चमोली आपदा पर विस्तार से चर्चा होगी और राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की समीक्षा होगी।

उधर, तपोवन सुरंग के भीतर मलबे को हटाने का कार्य लगातार जारी है। पानी निकलने से कार्य में बाधा जरूर आ रही है लेकिन एनडीआरएफ समेत तमाम एजेंसियों ने हिम्मत नहीं हारी है। अब तपोवन टनल के भीतर 171 मीटर तक एनडीआरएफ के जवान पहुंच गए हैं।

Image

 

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

1 Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...