नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) के प्रिंसिपल कर्नल अमित बिष्ट को पर्वतारोहण के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय कीर्तिमान हासिल करने के लिए प्रतिष्ठित तेनजिंग नोर्गे नेशनल एडवेंचर अवार्ड देने की घोषणा की गई है। यह पुरस्कार भारत में साहसिक खेलों के लिए दिया जाने वाला सबसे बड़ा सम्मान है। 13 नवम्बर को राष्ट्रपति भवन में कर्नल अमित बिष्ट को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।
कर्नल बिष्ट ने हाल के समय में भारत और दुनिया के कई हिस्सों में 20 से ज्यादा ऐसे शिखरों पर चढ़ने पर सफलता हासिल की है, जो तकनीकी तौर पर काफी कठिन मानी जाती हैं। इन अनाम शिखरों पर पहले कोई नहीं चढ़ा है।

कर्नल अमित बिष्ट पर्वतारोहण की दुनिया में जाना पहचाना नाम हैं। हाल ही में उन्होंने एवरेस्ट शिखर को छूने का गौरव हासिल किया है। वह निम के पहले ऐसे प्रिंसिपल हैं, जिन्होंने संस्थान के अपने सेवाकाल के दौरान एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की।
कर्नल अमित बिष्ट की अगुवाई में निम और जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड विंटर स्पोर्ट्स के छह सदस्यीय संयुक्त दल ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट के शिखर को पहली जून, 2021 की सुबह 6.20 बजे छुआ। पहली अप्रैल को एनआईएम और जेआईएम का संयुक्त अभियान दल माउंट एवरेस्ट (8848.86 मीटर) पर चढ़ने के लिए निकला था। यह दल दो जून को एवरेस्ट पर सफल आरोहण के बाद बेस कैंप लौट आया।
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कोरोना काल में कई अनाम शिखरों पर चढ़ाई
कोविड-19 काल में जब साल 2020 में लगभग सभी बाहरी क्रियाकलापों पर रोक रही तो निम ने कर्नल अमित बिष्ट की अगुवाई में सभी जरूरी प्रोटोकाल का पालन करते हुए उत्तरकाशी में अनाम और अनारोहित पर्वत शिखरों का आरोहण किया। यह देश-विदेश में साहसिक क्रियाकलापों में रुचि रखने वाले लोगों को एक सकारात्मक संदेश देने का प्रयास था।

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कोरोना काल में ही निम ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के समीप छह चोटियों का सफल आरोहण किया था। निम की टीम ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के साथ मिलकर एलएसी पर पेट्रोलिंग कम माउंटेनियरिंग अभियान चलाया था। इसमें छह दिन में छह हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाली छह चोटियों का आरोहण कर एक रिकॉर्ड बनाया गया है। इस अभियान दल ने नेलांग घाटी स्थिति एलएसी पर मुलिंग्ला से लेकर माणा तक 75 किलोमीटर की पेट्रोलिंग की थी।






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