बंजी जंपिंग पर एक माह में लागू होंगे नए दिशानिर्देश, सुरक्षा मानकों को किया जाएगा और सख्त

बंजी जंपिंग पर एक माह में लागू होंगे नए दिशानिर्देश, सुरक्षा मानकों को किया जाएगा और सख्त

उत्तराखंड में तेजी से लोकप्रिय हो रहे एडवेंचर पर्यटन, विशेष रूप से बंजी जंपिंग को लेकर अब सुरक्षा मानकों को और मजबूत बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। देवप्रयाग, तपोवन और ऋषिकेश जैसे क्षेत्र देश-विदेश के रोमांच प्रेमियों के लिए प्रमुख आकर्षण केंद्र बन चुके हैं, लेकिन हाल के वर्षों में सामने आए कुछ हादसों ने इस गतिविधि की सुरक्षा व्यवस्था और संचालन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन घटनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने बंजी जंपिंग के लिए नई नियमावली तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी है, जिसे अगले एक माह के भीतर लागू किए जाने की संभावना है।

पर्यटन सचिव धीरज गबर्याल के अनुसार, उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड (यूटीडीबी) द्वारा नई गाइडलाइन और नियमावली तैयार की जा रही है। इसके लिए एडवेंचर पर्यटन क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों के साथ-साथ देश और विदेश के विशेषज्ञों से भी सुझाव लिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य एडवेंचर स्पोर्ट्स को एक सख्त कानूनी और सुरक्षा ढांचे के अंतर्गत लाना है ताकि पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।

नई नियमावली में पर्यटकों के स्वास्थ्य और शारीरिक क्षमता को विशेष महत्व दिया गया है। प्रस्तावित प्रावधानों के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित व्यक्तियों को बंजी जंपिंग से दूर रहने की सलाह दी जाएगी। इसके अलावा 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा गया है। ऐसे पर्यटक बिना चिकित्सकीय प्रमाणपत्र के बंजी जंपिंग नहीं कर सकेंगे।

सरकार का मानना है कि उम्र बढ़ने के साथ शरीर की सहनशीलता और हृदय संबंधी जोखिम बढ़ जाते हैं। ऐसे में किसी भी संभावित खतरे से बचने के लिए पहले से स्वास्थ्य जांच आवश्यक होगी। इससे ऑपरेटरों को भी प्रतिभागियों की शारीरिक स्थिति का बेहतर आकलन करने में मदद मिलेगी।

सिर्फ स्वास्थ्य मानकों ही नहीं, बल्कि तकनीकी सुरक्षा उपायों को भी नई नियमावली में विशेष स्थान दिया गया है। प्रस्तावित दिशानिर्देशों के तहत बंजी जंपिंग संचालित करने वाली कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्राकृतिक रबर से निर्मित उच्च गुणवत्ता वाली बंजी कॉर्ड का उपयोग करना होगा। साथ ही निर्धारित समयावधि के बाद इन कॉर्ड्स को बदलना भी अनिवार्य होगा ताकि पुरानी या कमजोर रस्सियों के कारण कोई दुर्घटना न हो।

इसके अतिरिक्त जंप करने वाले व्यक्ति को केवल पैरों से नहीं, बल्कि पूरे शरीर पर डबल हार्नेस सुरक्षा प्रणाली प्रदान करनी होगी। जंप से पहले कम से कम दो से तीन प्रशिक्षित विशेषज्ञों द्वारा ट्रिपल-चेक प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जिसमें सुरक्षा उपकरणों, रस्सियों, हार्नेस और प्रतिभागी की तैयारियों की अलग-अलग जांच की जाएगी। माना जा रहा है कि यह व्यवस्था मानवीय भूल की संभावना को काफी हद तक कम करेगी।

नई नियमावली की आवश्यकता हाल में हुई दो प्रमुख घटनाओं के बाद और अधिक महसूस की गई। 12 नवंबर 2025 को ऋषिकेश के शिवपुरी स्थित एक एडवेंचर पार्क में बंजी जंपिंग के दौरान सुरक्षा रस्सी टूटने से गुरुग्राम का 24 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। युवक नीचे स्थित टिन की छत पर गिर गया था, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना ने बंजी कॉर्ड की गुणवत्ता और नियमित निरीक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।

इसके बाद 15 जून 2026 को एक और दुखद घटना सामने आई। बंजी जंपिंग करने के कुछ समय बाद एक युवक को पेट में तेज दर्द और सांस लेने में परेशानी होने लगी। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। हालांकि इस मामले में मौत का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हो पाया क्योंकि परिजनों ने पोस्टमार्टम नहीं कराया था। फिर भी इस घटना ने एडवेंचर स्पोर्ट्स में स्वास्थ्य जांच की आवश्यकता को लेकर बहस तेज कर दी।

चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि बंजी जंपिंग के दौरान शरीर में एड्रेनालिन हार्मोन का स्तर अचानक बढ़ जाता है और शरीर पर अत्यधिक गुरुत्वाकर्षण दबाव पड़ता है। सामान्य व्यक्ति के लिए यह रोमांचकारी अनुभव हो सकता है, लेकिन हृदय रोग या अन्य आंतरिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए यह जोखिमपूर्ण साबित हो सकता है।

राज्य सरकार को उम्मीद है कि नई नियमावली लागू होने के बाद उत्तराखंड में एडवेंचर पर्यटन और अधिक सुरक्षित बनेगा। इससे न केवल पर्यटकों का विश्वास बढ़ेगा बल्कि राज्य की एडवेंचर टूरिज्म इंडस्ट्री को भी दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। सुरक्षा और रोमांच के बीच संतुलन बनाते हुए उत्तराखंड देश में एडवेंचर पर्यटन का एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।

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