Saturday , 5 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ टिहरी Kempty Falls Video : कोरोना भूल मसूरी में शुरू हो गई फुल मस्ती, प्रशासन को लगानी पड़ी ये पाबंदियां
टिहरीउत्तराखंड न्यूज़देहरादून

Kempty Falls Video : कोरोना भूल मसूरी में शुरू हो गई फुल मस्ती, प्रशासन को लगानी पड़ी ये पाबंदियां

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पिछले दिनों देशभर के अलग-अलग हिल स्टेशनों और पर्यटन स्थलों की तस्वीरें दिखाई थीं और आगाह किया था कि कोरोना की अगली लहर को रोकना हमारे हाथों में है। चेतावनी भी दी गई है कि अगर कोरोना नियमों का उल्लंघन किया गया तो पाबंदियों में दी गई छूट वापस ली जा सकती है। अब लोगों को बेफिक्र और लापरवाह होता देख प्रशासन को सख्त फैसले लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

उत्तराखंड इससे सीधे तौर पर जुड़ा है क्योंकि दिल्ली और दूसरे राज्यों में गर्मी बढ़ने पर पर्यटक पहाड़ों का रुख करते हैं। अब एक वीडियो देखिए। यह मसूरी में मस्ती करते लोगों का ताजा वीडियो है। इससे साफ है कि लोग कोरोना को हल्के में लेने लगे हैं जबकि केस अभी जीरो नहीं हुए हैं।

एक दिन पहले मंत्रिपरिषद की बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी को भी कहना पड़ा कि खतरा अभी टला नहीं है। लोगों को डरने या डराने की जरूरत नहीं है लेकिन लापरवाही बरती गई तो हालात फिर से बिगड़ सकते हैं। उन्होंने बाजारों और पर्यटन स्थलों पर भीड़भाड़ को लेकर गहरी चिंता जताई।

मसूरी का वीडियो वायरल हो गया है। ऐसे में पाबंदी लगाने का भी फैसला ले लिया गया है। जी हां, देवभूमि के मशहूर पर्यटक स्थल मसूरी में अब पाबंदी लग गई है। यहां प्रशासन के नए निर्देशों के मुताबिक मसूरी के केम्प्टी फाल्स यानी झरने में एक बार में केवल 50 पर्यटकों को ही जाने की अनुमति होगी।

उत्तराखंड की कमान संभालने के एक हफ्ते के भीतर ही दिल्ली चले CM धामी, समझें क्या है एजेंडे में

टिहरी गढ़वाल डीएम इवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि कोरोना संक्रमण न फैले इसके लिए यह फैसला लेना पड़ा है। एक पर्यटक आधे घंटे से ज्यादा नहीं रुक सकता। पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी झेल रहे लोग पहाड़ों पर ठंडक और सुकून की तलाश में भाग रहे हैं। मसूरी में छुट्टियां बिताने वालों की लाइन लगी है। होटल भर गए हैं। यही हाल हिमाचल प्रदेश और दूसरे राज्यों के हिल स्टेशनों का है।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...