उत्तराखंड ने बीते 4-5 महीनों में तीन मुख्यमंत्री देख लिए। अचानक त्रिवेंद्र सिंह रावत दिल्ली जाते हैं और वापस आकर इस्तीफा दे देते हैं। चौंकाने वाले फैसले के तहत सांसद तीरथ सिंह रावत को प्रदेश की कमान सौंप दी जाती है और फिर संवैधानिक संकट के चलते वह भी दिल्ली से आते हैं और रात में इस्तीफा हो जाता है। अब प्रदेश को सबसे युवा मुख्यमंत्री के रूप में पुष्कर सिंह धामी मिले हैं। पिछले दिनों उन्होंने नए मंत्रिमंडल के साथ शपथ ली और बिना देर किए कामकाज शुरू कर दिया।
इस बीच, एक बात उनके शपथ से पहले और बाद में चर्चा में रही और वह था असंतोष। कहा गया था कि उन्हें सीएम बनाने से कई वरिष्ठ नेता नाराज हैं। कुछ लोग उनके पास अनुभव की कमी बता रहे हैं। दूसरी तरफ सियासी पंडितों का कहना है कि पार्टी आलाकमान ने यह फैसला कर वरिष्ठ नेताओं को बड़ा संदेश भी देने की कोशिश की है।
आज सचिवालय में आयोजित बैठक में शासन के उच्चाधिकारियों को कांवड़ यात्रा के संचालन के दृष्टिगत पड़ोसी राज्यों के साथ व्यापक विचार-विमर्श कर सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने के निर्देश दिए। pic.twitter.com/Y2mWX3WK9U
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 8, 2021
इन सबके बीच सीएम धामी सरकार कामकाज को रफ्तार देने और अगले साल होने वाले चुनाव को लेकर प्लान तैयार करने के लिए दिल्ली जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि वह पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह के अलावा प्रदेश से सांसद और हाल में रक्षा राज्यमंत्री बने अजय भट्ट से मुलाकात कर सकते हैं।
चीड़बाग, देहरादून स्थित शौर्य स्थल पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने सैन्यधाम को उत्तराखंड के पांचवें धाम की संज्ञा दी है। उत्तराखंड के शहीद सैनिकों की स्मृतियों को संजोने के लिए देहरादून में भव्य सैन्यधाम बनाया जा रहा है। pic.twitter.com/wQvc2N1uDy— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 8, 2021
एक युवा पर इतना भरोसा जताते हुए प्रदेश की कमान सौंपने के मद्देनजर सीएम धामी पार्टी आलाकमान को आगे का एक्शन प्लान पेश कर सकते हैं। 4 जुलाई को सीएम पद की शपथ लेने के बाद पुष्कर सिंह धामी का यह पहला दिल्ली दौरा है। पिछले 4-5 महीनों में उत्तराखंड के सीएम के दिल्ली दौरे काफी महत्वपूर्ण रहे हैं। विपक्षी तो यह भी कह देते हैं कि दिल्ली जा रहे हैं देखिए क्या होता है। सोशल मीडिया पर भी ऐसी चर्चाएं होती रहती हैं।
सूत्रों का कहना है कि वह सीएम पद की शपथ लेने के बाद 48 घंटे के भीतर ही दिल्ली निकलने वाले थे लेकिन केंद्रीय मंत्रिपरिषद में विस्तार और फेरबदल के चलते उनका कार्यक्रम बाद में बना।
रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि वह दिल्ली कब तक रुकेंगे यह अभी तय नहीं है। ताबड़तोड़ कई मुलाकातें होनी हैं। ऐसे में 2-3 दिन भी लग सकते हैं और इस दौरान आगे राज्य सरकार के कामकाज के एजेंडे और चुनाव को देखते हुए पार्टी को मजबूत करने की दिशा में चर्चा हो सकती है। कुछ हद तक पार्टी के भीतर पनपा असंतोष भी खत्म हो गया है। केंद्रीय नेतृत्व भी चाहेगा कि युवा सीएम अपने अनुभवी साथियों, नेताओं और मंत्रियों को साथ लेकर चलें।
दिल्ली रवाना होने से पहले सीएम ने यह ट्वीट किया है और पीएम नरेंद्र मोदी का आभार जताया है।
#COVID19 महामारी की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने के लिए 23,000 करोड़ रुपए से अधिक के "COVID Emergency Response & Health System Preparedness" पैकेज को मंजूरी प्रदान करना कोरोना मुक्त भारत की दिशा में अहम कदम साबित होगा।#IndiaFightsCorona
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 9, 2021


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