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देहरादून, हरिद्वार के टिहरी बांध विस्थापित क्षेत्रों के 9 गांव अब राजस्व ग्राम

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने देहरादून जिले के टिहरी बांध विस्थापित क्षेत्र पशुलोक ऋषिकेश के सात गांवों तथा हरिद्वार जिले के टिहरी विकास नगर एवं टिहरी बंद्राकोटी को राजस्व ग्राम बनाए जाने की अनुमति दे दी है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राजस्व ग्राम बनाए जाने से इन गांवों के निवासियों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हो गई है। राजस्व ग्राम बनने से यहां के निवासियों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा तथा ग्राम पंचायतों का भी गठन हो सकेगा।

इस संबंध में बुधवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में प्रमुख सचिव वन आनंद बर्द्धन एवं सचिव राजस्व सुशील और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श के बाद मुख्यमंत्री द्वारा इन गांवों को राजस्व ग्राम घोषित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

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राजस्व ग्राम घोषित किए गए गांवों में टिहरी बांध विस्थापित क्षेत्र पशुलोक के ग्राम, माली देवल, विरयाणी, पैंदार्स, असैना, लम्बोगडी, गोजियाड़ा सिरांई, सिरांई राजगांव तथा डोबरा कुल सात गांव, जबकि हरिद्वार जिले के टिहरी बांध परियोजना विस्थापित क्षेत्र पथरी भाग 3 के पूर्व एवं पश्चिम क्षेत्र के ग्राम टिहरी विकास नगर एवं टिहरी बंद्राकोटी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने सचिव राजस्व को इस संबंध में शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए हैं।

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