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उत्तराखंड में कोरोना केस 10,000 के पार, फिर भी टेस्टिंग बढ़ाने और जिंदगी बचाने में बेहतर कर रही सरकार

उत्तराखंड में पिछले एक पखवाड़े जिस रफ्तार से कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ी है, उसने कई तरह की आशंकाएं पैदा की हैं। राज्य में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 10,000 के पार चला गया है। इस समय राज्य में कुल 3787 एक्टिव केस हैं। निश्चित तौर पर सूबे में कोरोना पॉजिटिवों की संख्या तेजी से बढ़ी है लेकिन राज्य सरकार बार-बार कह रही है कि स्थिति नियंत्रण में है, घबराने की जरूरत नहीं है।

सरकार के ऐसा कहने के पीछे कुछ ठोस वजह हैं। मसलन, राज्य में कोरोना से होने वाली मौतों की दर नियंत्रण में है, पिछले कुछ समय में कोविड टेस्टिंग में भी इजाफा हुआ है। उत्तराखंड में 11 अगस्त तक कोविड संक्रमितों की संख्या 10432 है। इसमें से एक्टिव केस 3787 हैं, लेकिन ज्यादातर केस पिछले 20 दिन में सामने आए हैं। हालांकि इस दौरान उत्तराखंड ने कुछ क्षेत्रों में बेहतर काम किया है। राज्य में अभी तक कोरोना टेस्ट की संख्या औसतन 1720 प्रति लाख पहुंच गई है। यह राष्ट्रीय औसत 1873 प्रति लाख के कुछ ही कम है। खास बात यह है कि मैदानी इलाकों की जगह पर्वतीय इलाकों में टेस्टिंग की दर काफी बेहतर है। हालांकि कोरोना का हॉटस्पॉट बना हरिद्वार अब भी चिंता का एक बड़ा कारण बना हआ है।

अगर उत्तराखंड में प्रति लाख हो रही टेस्टिंग के जिलेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो चंपावत में सबसे ज्यादा 3182 जांच प्रति लाख पर हो रही है। इसके बाद रुद्रप्रयाग में 2706, उत्तरकाशी में 2703, बागेश्वर में 2065, देहरादून में 1920, चमोली में 1927, टिहरी गढ़वाल में 1880, अल्मोड़ा में 1828, पौड़ी गढ़वाल में 1787, पिथौरागढ़ में 1701, नैनीताल में 1658, ऊधम सिंह नगर में 1452 और हरिद्वार में 1435 केस की जांच प्रति लाख पर हो रही है।

सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन की रिपोर्ट के मुताबिक, 10 अगस्त तक समूचे उत्तराखंड में 1.15 करोड़ की आबादी के लिए 2,03,946 टेस्ट किए गए। वहीं जब देश भर में 135 करोड़ की आबादी के बीच 2,52,81,848 टेस्ट किए गए हैं। आईसीएमआर के मुताबिक, देश में प्रतिलाख पर 1873 कोरोना टेस्ट हो रहे हैं। वहीं उत्तराखंड में यह औसत 1770 है। यानी उत्तराखंड में रोजाना होने वाले टेस्टों की संख्या राष्ट्रीय औसत से 103 कम है। यह राष्ट्रीय औसत से 5.5% ही कम है।

 

 

अगर होने वाली मौतों के आंकड़े पर जाएं तो यहां स्थिति देश के राष्ट्रीय औसत के आसपास है। उत्तराखंड में कोरोना संक्रमितों की मौत का आंकड़ा 136 है। राष्ट्रीय औसतन मृत्युदर 1.98 है जबकि उत्तराखंड में यह 1.39 प्रति व्यक्ति प्रति लाख है।

अगर उत्तराखंड में कोरोना से होने वाली मौतों का ग्राफ देखें तो सबसे ज्यादा मृत्युदर देहरादून में हैं। यहां यह 3.71% है। इसके बाद नैनीताल में 1.71%, पौड़ी में 1.40%, चंपावत में 1.23%, रुद्रप्रयाग में 0.95, बागेश्वर में 0.61%, ऊधम सिंह नगर में 0.59%, अल्मोड़ा में 0.55%, टिहरी में 0.31%, उत्तरकाशी में 0.28%, हरिद्वार में 0.21% पिथौरागढ़ और चमोली में शून्य-शून्य प्रतिशत है।

ऐसे बढ़ा कोरोना का ग्राफ

पहला केस       15 मार्च, 2020      —
1000 केस      02 जून, 2020      80वां दिन
2000 केस      17 जून, 2020       95वां दिन
3000 केस      03 जुलाई, 2020   111वां दिन
4000 केस      14 जुलाई, 2020    122वां दिन
5000 केस      22 जुलाई, 2020    130वां दिन
6000 केस      26 जुलाई, 2020    134वां दिन
7000 केस      30 जुलाई, 2020    138वां दिन
8000 केस      04 अगस्त, 2020   143वां दिन
9000 केस      08 अगस्त, 2020   147वां दिन
10000 केस    10 अगस्त, 2020    149वां दिन

Written by
Hill Mail

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