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जय बदरीनाथ…. धाम का प्रसाद अब मिलेगा ऑनलाइन, घर से ऐसे करेंगे बुकिंग

कोरोना काल में भक्त भी भगवान से दूर हो गए। मंदिर खुले भी हैं तो बेहद सतर्कता के साथ दर्शन का सिलसिला शुरू हुआ है। अगर आप बदरीनाथ धाम के दर्शन को नहीं पहुंच पा रहे तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। अब महाप्रसाद ऑनलाइन मंगवा सकते हैं। पंच बदरी प्रसादम देश और विदेश के श्रद्वालुओं को ऑनलाइन भेजने की पहल शुरू हो गई है।

आपको बता दें कि चमोली जिला प्रशासन ने पंच बदरी प्रसादम को लेकर प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनी ऐमजॉन के साथ समझौता किया है। श्रद्वालु अब घर बैठे ऐमजॉन पर ऑनलाइन भगवान बदरीनाथ का प्रसाद मंगवा कर पुण्य अर्जित कर सकते हैं। अगर आप ऑनलाइन ऑर्डर करने जा रहे हैं तो जान लें कि पंच बदरी प्रसाद ऐमजॉन पर बदरीनाथ प्रसाद बैग के नाम से उपलब्ध है।

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ऐमजॉन पर ही पंच बदरी प्रसाद बैग में पवित्र सरस्वती नदी का जल, बदरीश तुलसी, हर्बल धूप, बदरी गाय का घी, हिमालयन डेमस्क रोज वाटर प्रसाद के रूप में एक खूबसूरत डिजायन के बैग और बॉक्स में उपलब्ध कराया गया है। इस महाप्रसाद का बड़ा महत्व है।

प्रसाद में क्या-क्या

1- बदरी तुलसी जिसे स्वयं देवी लक्ष्मी का रूप माना जाता है और भगवान विष्णु को बद्रीनाथ मंदिर में उनकी पूजा के दौरान अर्पित किया जाता है। बदरी प्रसाद में यह तुलसी शामिल है।

2- पवित्र सरस्वती नदी जो केवल बद्रीनाथ धाम में माणा गांव के पास भीम पुल के पास दिखती है और आगे अलकनंदा नदी में विलीन हो जाती है, इस नदी का पवित्र जल है।

3- प्रसाद में बद्री सिक्का भी शामिल है, जो बद्रीनाथ जी का शिलालेख है।

4- स्थानीय स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार सुगंधित हर्बल धूप और हिमालय में उगाए गए डेमस्क गुलाब के फूलों का शुद्व गुलाब जल प्रसाद वाले बैग के साथ दिया जा रहा है।

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जिला प्रशासन ने स्थानीय लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल से पंच बदरी प्रसादम योजना शुरू की थी। इसमें स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित चैलाई के लड्डू और स्थानीय लोगों द्वारा तैयार गुलाब जल, हर्बल धूप, सरस्वती नदी का जल आदि चीजें प्रसाद के रूप में बदरीनाथ धाम में स्टॉल लगाकर बेची जा रही थीं। कोरोना काल में भक्तों को प्रसाद नहीं मिल पा रहा, साथ ही स्थानीय लोगों को भी नुकसान हो रहा है।

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Hill Mail

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