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सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ कमेंडेशन मेडल और प्रशंसा पत्र से किया सम्मानित, आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को रक्षा क्षेत्र में उनकी निर्भीक पत्रकारिता के लिए चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया गया। सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित होने वाले ये देश के एक मात्र रक्षा पत्रकार हैं। सीडीएस ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ जनरल अनिल चौहान ने ३० मई को सेवानिवृत होने से पूर्व कई तीनों सेनाओं के कई अधिकारियों और जवानों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने सेनाओं के अलावा समाज के अलग अलग क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य करने वाले कुछ चुनिंदा लोगों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। मनजीत नेगी उनमें से एक हैं। मनजीत नेगी पत्रकारिता के क्षेत्र में। पिछले 25 साल से कार्यरत हैं।
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देश में मौसम ने दो अलग-अलग रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में दस्तक देकर बारिश की उम्मीद जगा दी है, वहीं दूसरी ओर उत्तर और मध्य भारत के कई राज्य भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में 22 मई तक लू चलने का अलर्ट जारी किया है।
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भारतीय वायुसेना के जांबाज योद्धाओं की बहादुरी की कहानियां हमेशा देशवासियों के भीतर गर्व और राष्ट्रभक्ति की भावना जगाती रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की, जिन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अदम्य साहस, असाधारण नेतृत्व और अद्भुत युद्ध कौशल का परिचय देकर भारतीय वायुसेना का मान बढ़ाया। दुश्मन के इलाके में आधी रात को अंजाम दिए गए इस बेहद जोखिम भरे मिशन में उन्होंने जिस धैर्य और सटीकता के साथ कार्रवाई की, वह आज भारतीय सैन्य इतिहास में वीरता की मिसाल बन चुकी है।
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क्रिकेट के लिए दीवाने भारत में हॉकी क्यों दिल में बसती है, ये VIDEO एक बार देख लें…
अब भारत को फाइनल में पहुंचने के लिए विश्व चैंपियन बेल्जियम को हराना होगा। अगर भारत ऐसा करता है तो 1980 के बाद पहली बार फाइनल में पहुंचेगा। 1980 में भारत ने स्पेन को हराकर हॉकी में आठवां गोल्ड मेडल जीता था। भारतीय टीम के पास अपने सुनहरे इतिहास को दोहराने का यह शानदार अवसर है।
हॉकी में आठ बार गोल्ड मेडल जीतने वाला भारत कभी पदक के लिए तरसेगा, ये किसी ने नहीं सोचा था। ओलंपिक में पिछले चार दशक से हॉकी में भारत की झोली खाली है। रविवार को भारतीय टीम ने इतिहास रचते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई और हॉकी में ओलंपिक पदक का इंतजार कर रहे देश को एक नई उम्मीद जगा दी।
युवा खिलाड़ियों वाली भारत की पुरुष हॉकी टीम ने रविवार को खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में ब्रिटेन को 3-1 से हराकर चार दशक बाद पहली बार टॉप-4 में जगह बनाई। 41 साल के अंतराल के बाद इस मुकाम में पहुंचने वाली भारतीय टीम के लिए दिलप्रीत सिंह ने सातवें, गुरजंत सिंह ने 16वें और हार्दिक सिंह ने 57वें मिनट में गोल किया। ब्रिटेन के लिए एकमात्र गोल सैमुएल वार्ड ने 45वें मिनट में किया।
फाइनल खेलने के लिए हराना होगा विश्व चैंपियन को
अब भारत को फाइनल में पहुंचने के लिए विश्व चैंपियन बेल्जियम को हराना होगा। अगर भारत ऐसा करता है तो 1980 के बाद पहली बार फाइनल में पहुंचेगा। 1980 में भारत ने स्पेन को हराकर हॉकी में आठवां गोल्ड मेडल जीता था। भारतीय टीम के पास अपने सुनहरे इतिहास को दोहराने का यह शानदार अवसर है।
जब रोने लगे कमेंट्रेटर
भारत में भले ही लोग क्रिकेट के दीवाने हों लेकिन हॉकी अब भी दिल में बसती है। यही वजह है कि भारत के सेमीफाइनल में पहुंचने का हाल सुना रहे कमेंट्रेटर भावुक होकर रोने लगे। ओलंपिक खेलों का प्रसारण सोनी नेटवर्क कर रहा है। अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी भाषा में भी इसकी लाइव कमेंट्री हो रही है। ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मैच में सुनील तनेजा लाइव कमेंट्री कर रहे थे। उसके साथ सिद्धार्थ पांडे थे, जैसे ही मैच खत्म हुआ, दोनों कमेंटेटर्स भावुक हो गए। उनकी आंखों में आंसू थे, दोनों नम आंखों से ही मैच का हाल सुना रहे थे।
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