Friday , 4 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ ओएनजीसी की सीएमडी डॉ. अलका मित्तल ने किया योग भवन का लोकार्पण
उत्तराखंड न्यूज़देहरादून

ओएनजीसी की सीएमडी डॉ. अलका मित्तल ने किया योग भवन का लोकार्पण

ओएनजीसी लगातार कई सालों से सीएसआर के तहत कई तरह के सामाजिक कार्यों को कर रहा है। इसी की ओर एक और कदम बढ़ाते हुए आज समिति के अनुरोध पर योग भवन का निर्माण प्रसिद्ध टपकेश्वर मंदिर परिसर देवभूमि फाउंडेशन के माध्यम से किया गया।

योग भवन का लोकार्पण ओएनजीसी की अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक महोदया डॉ. अलका मित्तल के कर-कमलों द्वारा सीएसआर प्रभारी सोमेश रंजन, महंत श्री कृष्णागिरि महाराज एवं श्री महंत भरतगिरि महाराजप्रधान निगमित प्रशासन,देहरादून विजय राज, प्रभारी सीएसआर देहरादून, रामराज द्विवेदी एवं समिति पदाधिकारी अशोक मिश्रा, एस. एस. गोयल की गरिमामयी उपस्थिति में आभासी (वर्चुअल) माध्यम से किया गया।

इस अवसर पर महंत श्री कृष्णागिरि महाराज ने कहा कि इस परिसर का उपयोग गरीब और निर्धन परिवारों की बालिकाओं का विवाह एवं विभिन्न सामाजिक कार्यों के लिए किया जाता रहा है। ओएनजीसी के सहयोग से इस नव निर्मित हॉल का उपयोग नियमित योगाभ्यास के लिए किया जाएगा। ओएनजीसी द्वारा पूर्व में भी समय-समय पर इस परिसर में विभिन्न सकारात्मक कार्य किए गए।

ओएनजीसी की अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. अलका मित्तल ने अपने उद्घाटन सम्बोधन में कहा कि कैसे कोरोना काल में ओएनजीसी द्वारा विभिन्न विकासात्मक सामाजिक कार्य किए गए हैं। इसके अतिरिक्त हमने सैंकड़ों अंधियारे गांवों को सोलर लाइटों से रोशन करके उनकी ज़िंदगी खुशहाल बनाई है। सैंकड़ों विद्यालयों को फर्नीचर एवं शौचालय उपलब्ध करा के पिछड़े क्षेत्रों के बच्चों के जीवन को छूने की कोशिश की है। टपकेश्वर मंदिर प्रबंधन मंडल की तरफ एक समर्पण ही है यह योग भवन। यह कृति महज योग हॉल की दृष्टि से ही नहीं बल्कि इस हॉल का बहु-उपयोगी प्रयोग शैक्षणिक गतिविधियों, सांस्कृतिक गतिविधियों के अतिरिक्त सभी निर्धन परिवारों के विवाह आयोजन कार्यक्रमों में भी होगा।

डॉ. अलका मित्तल ने कहा कि विगत वर्षों में अपनी सामाजिक निगमित दायित्व के अंतर्गत पूरे भारत में विभिन्न विकासपरक, जीविकोपार्जन और सामाजिक कार्यक्रम चला रहे ओएनजीसी के प्रोजेक्ट एक मानक की तरह पूरे देश में स्थापित होते जा रहे हैं।

सीएसआर फंड की मदद से देश में बड़े पैमाने पर बदलाव हो रहा है, सामाजिक और आर्थिक नीतियों में बदलाव की वजह से इसका सीधा फायदा देश के जरूरतमंद लोगों को हो रहा है।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...