कोरोना का खौफ समझिए, बैसाखी के शाही स्नान पर पिछले साल आए थे 1.6 करोड़, इस बार बस 6 लाख

कोरोना का खौफ समझिए, बैसाखी के शाही स्नान पर पिछले साल आए थे 1.6 करोड़, इस बार बस 6 लाख

कोरोना काल में हरिद्वार कुंभ में लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के स्नान को लेकर कई तरह की चिंताएं व्यक्त की जा रही है। घाटों पर लोग सामाजिक दूरी का पालन नहीं कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन यथासंभव कोशिश कर रहा है पर ऐसे समय में ज्यादा सख्ती नहीं बरती जा सकती। हालांकि एक चीज जो आज के स्नान में देखने को मिल रही है वो है खौफ…

आज बैसाखी के शाही स्नान पर हरिद्वार कुंभ में श्रद्धालु और अखाड़ों के संतों ने स्नान किया और यह सिलसिला लगातार जारी है। हालांकि घाटों पर सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो रहा है। उत्तराखंड में भी कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं। इस बीच, कोरोना के खौफ को समझाने वाला एक आंकड़ा सामने आया है।

कुंभ मेला के आईजी संजय गुंज्याल ने बताया है कि बैसाखी के स्नान को सम्मिलित रूप से कुंभ के सभी 4 शाही स्नानों और 11 स्नानों में सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण माना जाता है। उन्होंने कहा कि 2010 में यहां आज के दिन सैटेलाइट से मिली तस्वीरों के आधार पर पता चला था कि कुल 1.60 करोड़ लोग आए थे, इस बार दोपहर तक केवल 6 लाख लोग आए हैं। शाम तक यह आंकड़ा कुछ हजार ही बढ़ सकता है। गौर करने वाली बात यह है कि इस तरह से लोगों की चिंता पिछले 48 घंटों में ज्यादा बदली है क्योंकि देशभर में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या 112071 पहुंच गई है। मंगलवार शाम 6 बजे तक प्रदेश में 1925 और नए मामले सामने आए थे।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने तीसरे शाही स्नान के लिए आने वाले सभी श्रद्धालुओं से केंद्र सरकार द्वारा तय की गई कोविड गाइडलाइन का पालन करने का अनुरोध किया है। हालांकि मेला क्षेत्र और गंगा स्नान के लिए घाट पर आने वाले लोग बेफिक्र दिखे।

मेले में तैनात उत्तराखंड पुलिस के जवान लगातार लोगों को समझा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी लोगों को मास्क और थोड़ी दूरी, को लेकर जागरूक किया जा रहा है।

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