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कुमाऊं रेजिमेंट सेंटर में गूंजा देशभक्ति का जज्बा, 1170 अग्निवीर बने सेना का हिस्सा

अदम्य साहस, शौर्य और वीरता के प्रतीक बहादुरगढ़ द्वार से कदमताल करते हुए इन जांबाज अग्निवीरों ने अंतिम पग भरते ही मां भारती की आन, बान और शान की रक्षा के लिए हर परिस्थिति में समर्पित रहने का संकल्प लिया।

मुख्य अतिथि केआरसी के कमांडेंट ब्रिगेडियर विजयंत महादिक ने अग्निवीर रिक्रूट्स में जोश भरते हुए उन्हें रेजिमेंट का नाम, नमक और निशान ऊंचा रखने तथा सैन्य परंपराओं की गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि सैन्य जीवन तपस्या के समान है और देशसेवा का अवसर हर किसी को प्राप्त नहीं होता। उन्होंने कहा कि देश को मेजर सोमनाथ शर्मा और मेजर शैतान सिंह जैसे परमवीर चक्र विजेता देने वाली कुमाऊं रेजिमेंट का हिस्सा बनना गर्व और सौभाग्य की बात है।

केआरसी मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक सोमनाथ मैदान में शनिवार को एक और गौरवशाली अध्याय जुड़ गया। 31 सप्ताह के कठिन और चुनौतीपूर्ण प्रशिक्षण के बाद अग्निवीर रिक्रूट्स ने वीररस से ओतप्रोत रेजिमेंटल बैंड की धुनों पर कदमताल करते हुए भारतीय सेना में अपना औपचारिक प्रवेश किया।

परेड के दौरान कमांडेंट ब्रिगेडियर विजयंत महादिक, डिप्टी कमांडेंट कर्नल प्रभु रामदास बामन और प्रशिक्षण अधिकारी कर्नल मोहित वर्मा ने सलामी ली। परेड की अगुआई कैप्टन रौबिन शर्मा ने की। इस अवसर पर सूबेदार मेजर राजेश कुमार, परेड कमांडर अग्निवीर पंकज कुमार, वरिष्ठ ड्रिल प्रशिक्षक सूबेदार प्रकाश चंद, हवलदार भगत सिंह, अलका कौशिक सहित अनेक सैन्य अधिकारी और जवान मौजूद रहे।

सर्वश्रेष्ठ अग्निवीरों को किया गया सम्मानित

मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर विजयंत महादिक ने प्रशिक्षण अवधि के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अग्निवीरों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया।

ड्रिल में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए अग्निवीर पंकज कुमार, लिखित परीक्षा में अग्निवीर संजय सिंह नेगी, शारीरिक दक्षता में अग्निवीर संजय सिंह, फायरिंग में अग्निवीर अमन कुमार, टीएसओटी में अग्निवीर सूरज एड़ी तथा ‘बेस्ट इन ऑल’ के लिए अग्निवीर पीयूष कार्की को सम्मानित किया गया।

अग्निवीर-2025 के सातवें बैच में ब्रावो कंपनी चैंपियन रही। कार्यक्रम के दौरान चयनित अग्निवीरों के स्वजनों को भी गौरव पदक प्रदान किए गए। इनमें मनीषा महादेव और पूनम गहलोत शामिल रहीं।

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Hill Mail

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