शनिवार सुबह करीब 11 बजे शुरू हुए प्रदर्शन में स्थानीय निवासियों ने कहा कि शुक्रवार रात ठेके के बाहर दो पक्षों के बीच हुए विवाद के दौरान चली गोली में दो युवक घायल हो गए। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है और लोगों में अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि समय रहते प्रशासन ने स्थानीय लोगों की मांगों पर ध्यान दिया होता तो इस तरह की घटना से बचा जा सकता था।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने भी स्थानीय लोगों का समर्थन करते हुए कहा कि आबादी के बीच शराब का ठेका संचालित होने से आए दिन विवाद, मारपीट और कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं सामने आती रहती हैं। उनका आरोप था कि क्षेत्र के लोग लंबे समय से ठेका हटाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उनका कहना था कि हालिया गोलीकांड ने यह साबित कर दिया है कि इस स्थान पर शराब का ठेका बने रहना स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा बन चुका है।
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही आबकारी विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों का घेराव कर जिलाधिकारी के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शराब के ठेके को तत्काल आबादी वाले क्षेत्र से हटाने, गोलीकांड में शामिल सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की गई।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि शराब के ठेके के आसपास अक्सर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उनका कहना था कि देर रात तक शराब के नशे में हंगामा, झगड़े और मारपीट जैसी घटनाएं आम हो चुकी हैं। ऐसे में आबादी के बीच इस ठेके का संचालन क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन गया है।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने यह भी मांग उठाई कि जिस जमीन पर शराब का ठेका संचालित हो रहा है, उसकी वैधता की भी जांच कराई जाए। उनका कहना था कि यदि भूमि से जुड़ी किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
जिला आबकारी अधिकारी वी.के. जोशी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों का ज्ञापन प्राप्त कर लिया गया है और उनकी मांगों से जिलाधिकारी को अवगत कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल कुछ समय के लिए शराब का ठेका बंद कराया गया था। साथ ही ठेकेदार को सुरक्षा के मद्देनजर गार्ड तैनात करने के निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फायरिंग की घटना की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य विनीत प्रसाद भट्ट, प्रदेश प्रवक्ता सूरत नेगी, ब्लॉक अध्यक्ष सरिता बिष्ट, पूर्व पार्षद नरेश राणा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि जब तक शराब का ठेका आबादी वाले क्षेत्र से नहीं हटाया जाता और क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
फिलहाल गोलीकांड के बाद क्षेत्र में पुलिस सतर्क है और मामले की जांच जारी है। वहीं स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द कोई ठोस निर्णय करेगा, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था तथा लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।




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