मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर जोशीमठ की विस्तृत जानकारी ली और पूछा कि कितने लोग इससे प्रभावित हुए हैं। उन्होंने जोशीमठ भू-धंसाव से होने वाले नुकसान के बारे में भी पूछा। प्रधानमंत्री ने वहां लोगों के लिए हो विस्थापन के बारे में भी पूछा। प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री धामी को आश्वासन दिया कि जोशीमठ को बचाने के लिए हर संभव सहायता की जायेगी।
जोशीमठ में हो रहे भू-धंसाव को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय लगातार संपर्क में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी फोन कर हर सम्भव सहायता का आश्वासन दिया है। उन्होंने प्रभावितों के विस्थापन को लेकर उठाए जा रहे कदम और वहां हुए नुकसान के बारे में पूछा।
प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री से पूछा कि अभी तक कितने परिवार इस आपदा की जद में आये हैं और इन परिवारों को किस तरह वहां निकाला जा रहा है, उन लोगों को किन किन स्थानों में विस्थापन करने का प्रयास किया जा रहा है तथा यहां पर राहत शिविरों में कैसे लोग रह रहे हैं। आपदा प्रभावित लोगों का किस प्रकार से पुनर्वास की व्यवस्था की जा रही है उस बात पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
जोशीमठ भू-धंसाव मामले पर प्रधानमंत्री कार्यलय में हाई लेवल मीटिंग हुई। इस बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पीके मिश्रा ने की। इस बैठक में कैबिनेट सचिव, केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के सदस्य भी शामिल हुए। इनके अलावा जोशीमठ जिला प्रशासन के अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस बैठक से जुड़े।
प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद कई निर्णय लिए गए। बैठक के दौरान राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, आईआईटी रुड़की, वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी एंड सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट से कहा गया कि वे विशेषज्ञों की टीम के जरिए अध्ययन करें और सिफारिशें दें। सीमा प्रबंधन सचिव और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य कल उत्तराखंड का दौरा करेंगे और जोशीमठ की स्थिति का जायजा लेंगे।


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