Friday , 4 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ प्रव्या डेवलपर्स ने छपवाया देहरादून एसएसपी का फर्जी विज्ञापन, मालिक के खिलाफ कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश
उत्तराखंड न्यूज़ताज़ा ख़बरदेहरादून

प्रव्या डेवलपर्स ने छपवाया देहरादून एसएसपी का फर्जी विज्ञापन, मालिक के खिलाफ कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश

प्रव्या डेवलपर्स ने छपवाया देहरादून एसएसपी का फर्जी विज्ञापन
राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्रों में विज्ञापन किया गया प्रकाशित
एसएसपी को बताया आईजी और कर दिया अपनी कम्पनी प्रव्या डेवलपर्स का प्रचार
एसएसपी देहरादून ने लिया मामले का संज्ञान

पुलिस की छवि धूमिल करने पर कानूनी कार्यवाही के दिये निर्देश
प्रव्या डेवलपर्स के मालिक अमित के खिलाफ क़ानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश

 

जैसे ही यह मामला एसएसपी के संज्ञान में आया उन्होंने प्रॉपर्टी डीलर के खिलाफ विधिक कार्रवाई करने के निर्देश थाना नेहरू कॉलोनी को दिए हैं।

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि 17 सितम्बर 2023 को समाचार पत्रों में भ्रामक विज्ञापन छापने का पीआरओ शाखा (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय) द्वारा संज्ञान लिया गया।

अमित कुमार, प्रव्या डेवलपर्स द्वारा अपने व्यक्तिगत व व्यापारिक हितों के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के फोटो व उनके पद को बढ़ा चढ़ाकर आईजी लिखते हुए भ्रामक विज्ञापन राष्ट्रीय दैनिक अखबारों में प्रकाशित कराया गया। इससे पुलिस की छवि धूमिल हुई है जिस पर उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने का निर्देश दिया गया है।

इस विज्ञापन में देश के प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री का फ़ोटो भी प्रकाशित कर शुभकामनाएं दी गई। एसएसपी ने इस संबंध में प्रव्या डेवलपर्स के प्रोपराइटर अमित पुत्र राम प्रकाश सिंह निवासी नेहरू कॉलोनी के विरुद्ध विधिक कार्यवाही के निर्देश दिये हैं।

अखबार में भ्रामक प्रचार करना, अपने व्यक्तिगत व्यापारिक हित के लिए सरकारी अधिकारी की फोटो और गलत पद लिख कर पुलिस की छवि धूमिल करना कानूनी रूप से अपराध है।

प्रव्या डेवलपर्स के मालिक अमित के खिलाफ क़ानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिये गये हैं। अब इस मामले में नेहरू कॉलोनी पुलिस क्या कार्रवाई करती है, इस पर सभी की निहाहें टिकी हैं।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...