Friday , 4 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ मसूरी के होटल में लगी भीषण आग, शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है आग का कारण
उत्तराखंड न्यूज़ताज़ा ख़बरदेहरादून

मसूरी के होटल में लगी भीषण आग, शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है आग का कारण

किसी जमाने में यह एशिया का सबसे बड़ा वुडन फ्लोर का स्केटिंग रिंक हुआ करता था। लेकिन आज इस होटल में आग लगने से इसकी तस्वीर बदल गई। मसूरी के कुलड़ी क्षेत्र स्थित उत्तर भारत के ऐतिहासिक ब्रिटिश कालीन होटल द पवेलियन रिंक में आज सुबह आग लग गयी, बताया जा रहा है घटना सुबह हुई आग इतनी भयावह की उसने पूरे होटल को अपनी जद में ले लिया।

मसूरी के द रिंक पवेलियन होटल में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। वहीं होटल के नीचे खड़े वाहन भी आगजनी की चपेट में आ गये। सीओ मसूरी के मुताबिक रिंक पवेलियन होटल में आग लगने की सूचना मिली थी जिसके बाद पुलिस और अग्निशमन कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया पुलिस के मुताबिक भीषण आग पर काबू पाने के प्रयास जारी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार उस समय होटल में मैनेजर समेत 8 आदमियों का स्टाफ मौजूद था, जो समय रहते रेस्क्यू कर लिया गया जिससे किसी भी प्रकार की जन हानि होने से बच गयी। जब आग लगी तो उस समय सड़क किनारे दो गाड़ियां भी खड़ी थी वह भी आगजनी की चपेट में आ गई हालांकि स्थिति पुलिस के कंट्रोल में है आग पर अब काबू पा लिया गया है।

इस होटल में सुबह आग लगी, इस दौरान होटल का मालिक कमरे में सो रहा था। जैसे ही उन्हें आग लगने का आभास हुआ वह खिड़की तोड़ कर बाहर निकल गये। आग लगते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और धुएं से इलाका पट गया।

कैनोई स्प्रिंट में उत्तराखण्ड की मीरा दास को मिला प्रथम स्थान

बताया जा रहा है कि होटल के अंदर से सभी कर्मचारी सही सलामत निकल गए थे। आग से अभी तक किसी भी प्रकार की जनहानि की खबर नहीं है। उत्तराखंड फायर सर्विस ने बयान जारी करते हुए कहा है कि आग नियंत्रण में है। आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी ऐसा स्थानीय लोगों ने बताया।

वर्तमान में यहां पर 30 कमरों का होटल संचालित हो रहा था। स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह करीब 5 बजे होटल से धुआं और आग की लपटों को देखा गया।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...