Home उत्तराखंड न्यूज़ बड़ी राहत की तैयारी: बिजली सस्ती होगी, वाटर टैक्स खत्म होने से उपभोक्ताओं को मिलेगा सीधा फायदा
उत्तराखंड न्यूज़देहरादूननैनीतालसरोकार

बड़ी राहत की तैयारी: बिजली सस्ती होगी, वाटर टैक्स खत्म होने से उपभोक्ताओं को मिलेगा सीधा फायदा

उत्तराखंड के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की उम्मीद जगी है। उत्तराखंड हाईकोर्ट के हालिया फैसले के बाद बिजली बिलों में शामिल वाटर टैक्स समाप्त होने की दिशा में कदम तेज हो गए हैं। अब इस फैसले को लागू करने पर शासन स्तर पर मंथन जारी है, और यदि इसे पूरी तरह लागू किया जाता है तो राज्य के करीब 30 लाख उपभोक्ताओं को सालाना लगभग 500 करोड़ रुपये की राहत मिल सकती है।

दरअसल, केंद्र सरकार ने अप्रैल 2023 में ही बिजली उत्पादन करने वाली एजेंसियों से वाटर टैक्स न वसूलने के निर्देश जारी किए थे। हालांकि, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में यह आदेश लागू नहीं किया गया था। इसके बाद हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने बिजली कंपनियों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए वाटर टैक्स समाप्त करने का आदेश दिया। इसी क्रम में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने भी केंद्र के आदेश को सही ठहराते हुए टैक्स खत्म करने का निर्णय लिया।

इस फैसले का सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। अनुमान है कि प्रत्येक उपभोक्ता को सालाना औसतन 1666 रुपये की बचत होगी। यह राहत खासतौर पर उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी, जो बढ़ते बिजली बिलों से परेशान हैं।

वर्तमान में वाटर टैक्स की वसूली उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के माध्यम से की जाती है, जिसे बाद में उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड को सौंपा जाता है। इसके बाद यह राशि सिंचाई विभाग के जरिए शासन में जमा होती है। लेकिन अब इस पूरी प्रक्रिया पर पुनर्विचार हो रहा है।

ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम के अनुसार, हाईकोर्ट के फैसले पर सभी पहलुओं का गहन अध्ययन किया जा रहा है और जल्द ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यदि यह फैसला लागू होता है, तो न केवल उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, बल्कि बिजली उत्पादन से जुड़ी कंपनियों को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि वाटर टैक्स हटने से राज्य में हाइड्रो पावर सेक्टर में निवेश बढ़ेगा और ऊर्जा क्षेत्र को नई गति मिलेगी। हालांकि, उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड पर सिंचाई विभाग के 1494 करोड़ रुपये बकाया होने का मुद्दा भी चर्चा में है, जिस पर पहले ही आरसी जारी की जा चुकी है।

कुल मिलाकर, यह फैसला राज्य की ऊर्जा व्यवस्था और आम जनता—दोनों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

HillMail Magazine – September 2026

HillMail Sep 2026
पत्रिकाओं के सभी अंक देखें

Related Articles

भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए रामशरण नौटियाल, जुबिन नौटियाल के पिता हैं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष

उत्तराखंड की राजनीति में सोमवार को एक अहम घटनाक्रम सामने आया। देहरादून...

उत्तराखंड में अगले चार महीने में 2000 पदों पर भर्ती की तैयारी, UKSSSC का परीक्षा कैलेंडर जारी

उत्तराखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण...