नीलकंठ कांवड़ मेले को लेकर गढ़वाल मंडल में प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित 18 शिक्षण संस्थानों में निर्धारित अवधि के लिए अवकाश घोषित किया गया है। वहीं, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और अस्थायी पंडालों का फायर ऑडिट कराया जा रहा है। पुलिस और आपदा राहत टीमें भी पूरी तरह सतर्क कर दी गई हैं।
जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति एस. भदौरिया ने बताया कि नीलकंठ कांवड़ मेले के दौरान यात्रा मार्ग पर भारी भीड़ और वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए चार स्कूलों में 30 जुलाई से 11 अगस्त तक अवकाश घोषित किया गया है। इनमें राजकीय प्राथमिक विद्यालय नीलकंठ, राजकीय इंटर कॉलेज नीलकंठ, राजकीय प्राथमिक विद्यालय दिउली और राजकीय इंटर कॉलेज दिउली शामिल हैं।
इसके अलावा यात्रा मार्ग पर स्थित 14 अन्य शिक्षण संस्थानों में 5 अगस्त से 11 अगस्त तक अवकाश रहेगा। इनमें सरस्वती शिशु मंदिर नीलकंठ, मल्ली तलाई, राजकीय प्राथमिक विद्यालय भौन, बाल मैत्री शिशु संस्थान मलेलगांव, राजकीय प्राथमिक विद्यालय रत्तापानी, राजकीय प्राथमिक विद्यालय घट्टूगाड़, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय घट्टूगाड़, राजकीय प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मणझूला, राजकीय इंटर कॉलेज लक्ष्मणझूला, गंगा वैली स्कूल, बाल विद्या निकेतन, गीता बाल विद्यालय, एसडीएसए महाविद्यालय, राजकीय प्राथमिक विद्यालय गंगाभोगपुर तथा राजकीय इंटर कॉलेज गंगाभोगपुर शामिल हैं।
उधर, नई टिहरी में आगामी कांवड़ मेले के मद्देनजर अग्निशमन विभाग ने भी सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रभारी अग्निशमन अधिकारी शंकर चंद रमोला के नेतृत्व में नरेंद्रनगर क्षेत्र के होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और अस्थायी पंडालों का फायर सेफ्टी ऑडिट किया गया। निरीक्षण के दौरान अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, फायर सेफ्टी व्यवस्था, आपातकालीन निकास मार्ग, विद्युत वायरिंग और गैस सिलेंडरों के सुरक्षित उपयोग की जांच की गई।
अग्निशमन विभाग की टीम ने होटल संचालकों और कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में प्राथमिक बचाव, अग्निशमन यंत्रों के सही उपयोग, गैस रिसाव से बचाव और आपातकालीन निकासी की प्रक्रिया की जानकारी भी दी। अधिकारियों ने सभी प्रतिष्ठानों को विभागीय सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए।
वहीं, मुनिकीरेती में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने कांवड़ मेला ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और जवानों की ब्रीफिंग करते हुए उन्हें सेवा, सतर्कता, दृढ़ता और शालीनता के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के साथ सहयोगात्मक व्यवहार किया जाए, लेकिन कानून व्यवस्था बिगाड़ने या माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी ने बताया कि मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 12 पार्किंग स्थल, पांच खोया-पाया केंद्र, शिवानंद गेट पर विशेष पूछताछ केंद्र तथा सात मोबाइल पुलिस पार्टियां तैनात की गई हैं। इसके अलावा प्रमुख स्नान घाटों पर एसडीआरएफ, जल पुलिस, रेस्क्यू टीम और क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को भी सक्रिय रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य किया जा सके।
प्रशासन का कहना है कि कांवड़ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं ताकि यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।








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