उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में लगातार खराब मौसम का असर हवाई सेवाओं पर साफ दिखाई दे रहा है। मंगलवार को एक बार फिर मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के चलते हल्द्वानी से संचालित होने वाली हेलिकॉप्टर सेवा रद्द करनी पड़ी। हेलिकॉप्टर का इंतजार कर रहे यात्रियों को एयरपोर्ट से मायूस होकर वापस लौटना पड़ा, जबकि कई लोगों को मजबूरी में सड़क मार्ग से अपने गंतव्य की ओर रवाना होना पड़ा।
पिछले कुछ दिनों से जिले में लगातार हो रही बारिश, घने बादल और कम दृश्यता के कारण हेलिकॉप्टर सेवा बार-बार बाधित हो रही है। मौसम की अनिश्चितता का सबसे अधिक असर उन यात्रियों पर पड़ रहा है, जो समय बचाने के लिए हवाई सेवा का विकल्प चुनते हैं। हेलिकॉप्टर सेवा रद्द होने से उनके यात्रा कार्यक्रम पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह कई यात्री निर्धारित समय से पहले नैनीसैनी एयरपोर्ट पहुंच गए थे। उन्हें उम्मीद थी कि मौसम में सुधार होने पर हेलिकॉप्टर उड़ान भरेगा, लेकिन खराब मौसम के चलते उड़ान संभव नहीं हो सकी। कुछ देर बाद यात्रियों के मोबाइल फोन पर उड़ान रद्द होने का संदेश पहुंचा, जिसके बाद उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
हेलिकॉप्टर सेवा रद्द होने के कारण कई यात्रियों ने रोडवेज बसों और टैक्सियों का सहारा लिया। हालांकि, मानसून के दौरान पहाड़ी सड़कों पर भी यात्रा आसान नहीं है। जगह-जगह भूस्खलन और सड़क बाधित होने की घटनाओं के चलते सड़क मार्ग भी जोखिमभरा बना हुआ है। ऐसे में हवाई सेवा बंद होने से लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ गई है।
पर्यटन और स्थानीय आवागमन पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है। पिथौरागढ़ आने वाले पर्यटक और जरूरी कार्यों से यात्रा करने वाले लोग हेलिकॉप्टर सेवा पर निर्भर रहते हैं। लगातार उड़ानें रद्द होने से न केवल यात्रियों का समय खराब हो रहा है, बल्कि उनकी यात्रा योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। खराब मौसम में किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लिया जा सकता। मौसम अनुकूल होने पर ही हेलिकॉप्टर सेवा का संचालन किया जाएगा।
नैनीसैनी एयरपोर्ट के प्रबंधक संदीप यादव ने बताया कि मानसून के दौरान मौसम में लगातार बदलाव होने के कारण हवाई सेवाएं प्रभावित होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि मौसम साफ होने पर हेलिकॉप्टर सेवाएं नियमित रूप से संचालित की जाती हैं, लेकिन खराब मौसम और कम दृश्यता के दौरान उड़ान भरना सुरक्षित नहीं होता।
आंकड़ों पर नजर डालें तो बीते सात दिनों में हेलिकॉप्टर सेवा केवल तीन दिन ही संचालित हो सकी है। शेष दिनों में मौसम की खराबी के कारण उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। इससे स्पष्ट है कि मानसून के दौरान पिथौरागढ़ की हवाई सेवाएं पूरी तरह मौसम पर निर्भर हैं।
स्थानीय लोगों और यात्रियों ने मांग की है कि मौसम संबंधी सूचना समय रहते उपलब्ध कराई जाए, ताकि अनावश्यक रूप से एयरपोर्ट पहुंचने और समय व धन की बर्बादी से बचा जा सके। फिलहाल सभी की निगाहें मौसम में सुधार पर टिकी हैं, ताकि हेलिकॉप्टर सेवा दोबारा सुचारु रूप से शुरू हो सके।








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