नई दिल्ली में रक्षा संस्कार समारोह का आयोजन किया गया जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सशस्त्र बलों और भारतीय तटरक्षक बल के 84 सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मियों को विशिष्ट सेवा पुरस्कार प्रदान किये। राष्ट्रपति ने अनुकरणीय सेवा के लिए 52 अति विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल के लिए एक बार, तीन उत्तम युद्ध सेवा मेडल और 28 परम विशिष्ट सेवा मेडल प्रदान किये।
उत्तराखंड के दो सपूतों को यह पुरस्कार प्रदान किया गया। कोर ऑफ इंजीनियर्स (सेना) से लेफ्टिनेंट जनरल योगेन्द्र डिमरी (सेवानिवृत्त), AVSM, VSM, और सेना की एयर डिफेंस कोर के अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल नव के. खंडूरी, AVSM, VSM को PVSM पुरस्कार प्रदान किया।
मध्य कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी सराहनीय सेवा के बाद सेवानिवृत्त हो गए हैं। लेफ्टिनेंट जनरल को AVSM, VSM से सम्मानित किया जा चुका है और अब उन्हें PVSM प्रदान किया गया है। लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी ने 1 अप्रैल, 2021 को देश की सबसे बड़ी कमान का जिम्मा संभाला था।
सेना के टॉप अफसरों में से एक लेफ्टिनेंट जनरल डिमरी इससे पहले चीफ ऑफ स्टाफ वेस्टर्न कमांड रहे। एनडीए खड़कवासला के पूर्व छात्र लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी को भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून की मेरिट में पहला स्थान मिला था। उनको राष्ट्रपति स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया था। ले. डिमरी ने 17 दिसंबर 1983 को कोर ऑफ इंजीनियर्स (द बाम्बे सैपर्स) में कमीशन प्राप्त किया था।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर की नियंत्रण रेखा पर इंजीनियर ब्रिगेड, इंफेंट्री ब्रिगेड, काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स और पश्चिमी सीमा पर रेगिस्तान में एक स्ट्राइक कोर की कमान संभाली है। उन्होंने सैन्य सचिव (एमएस) शाखा में सहायक सैन्य सचिव, कोर के ब्रिगेडियर जनरल स्टाफ, ऑपरेशन, सैन्य संचालन के उप महानिदेशक, अपर महानिदेशक अनुशासन और सतर्कता, महानिदेशक अनुशासन के साथ पश्चिमी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ जैसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी भी निभाई है।
वह रक्षा मंत्रालय के इंटीग्रेटेड मुख्यालय में डीडीजी मिलिट्री ऑपरेशन भी रह चुके हैं। लेफ्टिनेंट जनरल डिमरी की ऑपरेशन और प्रशासनिक कार्यों में महारत हासिल है।
लेफ्टिनेंट जनरल नव के. खंडूरी को AVSM, VSM प्रदान किया जा चुका है और अब PVSM प्रदान किया गया। सेना की एयर डिफेंस कोर के अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल नव के खंडूरी को चंडीमंदिर स्थित पश्चिमी कमान के कमांडर है।
पहली बार सेना की डिफेंस कोर के किसी अधिकारी को यह जिम्मेदारी दी गई है। लेफ्टिनेंट जनरल खंडूरी इससे पहले वह सुकना स्थित त्रिशक्ति कोर के कमांडर रहे हैं। उन्होंने ऑपरेशनल लॉजिस्टिक और रणनीतिक प्रबंधन महानिदेशक की जिम्मेदारी भी निभाई है।
लेफ्टिनेंट जनरल खंडूरी देहरादून स्थित राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज और राष्ट्रीय रक्षा अकादमी पुणे के पूर्व छात्र रहे हैं। उन्होंने भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून से ग्रेजुएशन के बाद साल 1983 में सेना की एयर डिफेंस विंग में दिसंबर 1983 में कमीशन लिया।


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