Friday , 4 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस कार्यक्रम में हुई शामिल, बोली उत्तराखंड के मेहनती लोगों ने अपनी नई पहचान बनाई
उत्तराखंड न्यूज़ताज़ा ख़बरदेहरादून

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस कार्यक्रम में हुई शामिल, बोली उत्तराखंड के मेहनती लोगों ने अपनी नई पहचान बनाई

राष्ट्रपति ने कहा कि उत्तराखंड का भौतिक और डिजिटल संपर्क लगातार बढ़ रहा है। राज्य के आधारभूत ढांचे का तेजी से विकास हो रहा है। सरकार आपदा प्रबंधन पर भी विशेष रूप से ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में हुई बहुआयामी प्रगति से निवेशकों में उत्साह का संचार हुआ है। राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि देहरादून में आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए रोड-शो के दौरान पिछले सप्ताह तक 81,500 करोड़ रुपए से अधिक के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। उन्होंने भरोसा जताया कि इन प्रयासों से उत्तराखंड के युवाओं के लिए रोजगार का सृजन होगा।

राष्ट्रपति को इस बात से भी खुशी हुई कि सरकार उत्तराखंड के विकास में पारिस्थितिकी और अर्थव्यवस्था दोनों पर जोर दे रही है। उन्होंने सकल पर्यावरण उत्पाद (जीईपी) का आकलन करने की राज्य सरकार की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में प्रचुर मात्रा में प्राकृतिक संसाधन मौजूद हैं, ऐसे में राज्य जीडीपी के साथ-साथ राज्य जीईपी पर ध्यान केंद्रित करने से सतत विकास को बल मिलेगा।

राष्ट्रपति ने कहा कि उत्तराखंड वीरों की भूमि रहा है। यहां के युवा देश की सशस्त्र सेनाओं में बड़ी संख्या में भर्ती होते हैं और भारत माता की रक्षा करने में गर्व महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की रक्षा का यह जुनून देश के हर एक नागरिक के लिए अनुकरण करने योग्य है। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि भारतीय सेना की दो रेजिमेंट – कुमाऊं रेजिमेंट और गढ़वाल रेजिमेंट – का नाम उत्तराखंड के दो प्रमुख क्षेत्रों के नाम पर है। उन्होंने कहा कि यह उत्तराखंड की वीरता परंपरा को रेखांकित करता है।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने राज्य स्थापना दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए अमर शहीदों और वीर आंदोलनकारियों को नमन किया। उन्होंने राष्ट्रपति का हार्दिक आभार और अभिनंदन करते हुए कहा कि उनकी गरिमामयी उपस्थिति से पूरा उत्तराखंड उल्लासित हुआ है। उन्होंने राज्य गौरव सम्मान से सम्मानित होने वाले महानुभावों को भी बधाई दी।
राज्यपाल ने कहा कि हम डिजिटल क्रांति के युग में आगे बढ़ रहें हैं। साइबर सिक्योरिटी हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है इस दिशा में नई से नई टेक्नोलॉजी को सुरक्षा उपायों में शामिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहे है। सरकार पारदर्शी और प्रोएक्टिव पुलिसिंग को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। महिला सुरक्षा, बालिका सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए अपराधों पर नियंत्रण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड विकास के कई पैमानों पर देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो।

राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड की महिलाएँ परिश्रमी एवं सशक्त हैं तथा सामाजिक – आर्थिक व्यवस्था की रीढ़ हैं। प्रदेश में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है। राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड आर्थिक प्रगति की दिशा में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। उत्तराखंड राज्य की विकास दर और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि हमारी जिम्मेदारी है कि विकास का समान लाभ गरीबों वंचितों किसानों और उत्तराखंड के दूर-दराज के क्षेत्रों में रह रही माताओं, बहनों, युवाओं, किसानों, व्यापारियों तक पहुंचे।

प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड राज्य निर्माण में अपना योगदान देने वाले सभी अमर शहीदों एवं राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने भारत माता की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले उत्तराखंड के वीर जवानों को भी उत्तराखंड की समस्त जनता की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस के उन शहीद जवानों व अधिकारियों का भी स्मरण किया जिन्होंने प्रदेश एवं समाज में शांति स्थापित करने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आदरणीय राष्ट्रपति का अत्यंत कठिन जीवन संघर्ष, आपका अदम्य साहस और प्रेरणास्पद राजनीतिक यात्रा प्रत्येक भारतीय को प्रेरित करती है। राष्ट्रपति की जीवन यात्रा हम सबके लिए इसलिए भी प्रेरणादाई है, क्योंकि उन्होंने अपने जीवन में आई समस्त कठिनाइयों को अपनी शक्ति बनाकर जीवन समर में विजय प्राप्त की। राष्ट्रपति भारतवर्ष के समस्त नागरिकों विशेष रूप से गरीबों, शोषितों और वंचितों के लिए आशा की किरण हैं, वे सच्चे अर्थों में महिला सशक्तिकरण का जीता जागता प्रतीक हैं। राष्ट्रपति सदैव ’’सादा जीवन-उच्च विचार’’ के मूल मंत्र पर चलती रहीं और यही कारण है कि आज जन-जन के भीतर यही भाव है कि उनके बीच से निकली एक आम महिला देश कि प्रथम नागरिक है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री की प्रेरणा से हमारी सरकार उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए दिन रात कार्य कर रही हैं। हमारी सरकार विकास के लिए प्रतिबद्ध है, जनता के प्रति जवाबदेह है, भरोसेमंद है तथा अपने कार्य में दक्ष है। 23 वर्ष में पहली बार बहुत से काम हुए हैं। हमारी सरकार का एकमात्र लक्ष्य है-उत्तराखंड का विकास। हमारा एकमात्र ध्येय है-उत्तराखंड की प्रगति, अपने इस ध्येय की प्राप्ति के लिए हम पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ आपकी सेवा में जुटे हुए हैं।

राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा राज्य की चार विभूतियों को उत्तराखंड गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। माधुरी बड़थ्वाल, बसंती बिष्ट, सचिदानन्द भारतीय तथा राजेन्द्र सिंह बिष्ट को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवा हेतु उत्तराखंड गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया।

पुलिस लाईन देहरादून में आयोजित राज्य स्थापना दिवस के भव्य कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्वारा परेड का निरीक्षण एवं मार्च पास्ट किया गया। राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री द्वारा राष्ट्रपति को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड की उपलब्धियों के बारे में एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान उत्तराखंड के विभिन्न विभागों द्वारा झांकियों का प्रदर्शन एवं उत्तराखंड पुलिस द्वारा साहसिक प्रदर्शन किया गया।

राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूड़ी, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, डॉ. धन सिंह रावत, प्रेमचंद अग्रवाल, विधायक खजान दास मुख्य सचिव डॉ एस एस संधू, डीजीपी अशोक कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य उपस्थित थे।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...