स्वास्थ्य व्यवस्था पर फूटा जनाक्रोश: नौगांव और थत्यूड़ में सड़कों पर उतरे लोग, विशेषज्ञ डॉक्टरों और सुविधाओं की मांग तेज”

स्वास्थ्य व्यवस्था पर फूटा जनाक्रोश: नौगांव और थत्यूड़ में सड़कों पर उतरे लोग, विशेषज्ञ डॉक्टरों और सुविधाओं की मांग तेज”

पर्वतीय क्षेत्रों में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लोगों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। उत्तरकाशी जिले के नौगांव और टिहरी जिले के थत्यूड़ में सोमवार को स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति, अल्ट्रासाउंड और एक्सरे जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता तथा स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने की मांग उठाई।

उत्तरकाशी के नौगांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में यमुना घाटी के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल परिसर में एकत्र हुए और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजकर अस्पताल की बदहाल स्थिति में जल्द सुधार करने की मांग की।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव यमुना घाटी का सबसे पुराना और महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है। इसके अलावा यमुनोत्री धाम आने वाले हजारों तीर्थयात्रियों के उपचार की जिम्मेदारी भी इसी अस्पताल पर रहती है। बावजूद इसके अस्पताल में वर्षों से कई आवश्यक सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में एक्सरे और अल्ट्रासाउंड जैसी बुनियादी जांच सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इसके साथ ही महिला रोग विशेषज्ञ, सर्जन, एनेस्थेटिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट और बाल रोग विशेषज्ञ समेत कई महत्वपूर्ण पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को उपचार के लिए देहरादून और अन्य बड़े शहरों की ओर जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं जीवनरेखा के समान हैं, लेकिन लगातार उपेक्षा के कारण हालात चिंताजनक बने हुए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जनप्रतिनिधियों को भी जिम्मेदार ठहराया और कहा कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही अस्पताल में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं और रिक्त पदों पर नियुक्तियां नहीं हुईं, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन में वासुदेव डिमरी, रमेश इंदवाण, अनुज रावत, महावीर पंवार, सचिन कुमार, राजेंद्र सेमवाल, विजयपाल रावत, लता नौटियाल, मीरा, भारती, अंकित रावत और आनंद परमार समेत कई लोग मौजूद रहे।

उधर, टिहरी जिले के थत्यूड़ में भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी और अल्ट्रासाउंड सुविधा न होने के विरोध में लोगों ने धरना प्रदर्शन किया। युवा कांग्रेस और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में आयोजित धरने में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

युवा कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष अमित बडियार के नेतृत्व में ब्लॉक प्रमुख सीता पंवार, ज्येष्ठ उप प्रमुख महिपाल रावत, प्रकाश चमोली, विजय सिंह गुंसोला और शिक्षाविद चेतन प्रसाद नौटियाल समेत कई लोग धरने पर बैठे। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि अस्पताल में स्त्रीरोग विशेषज्ञ सहित सभी रिक्त विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद शीघ्र भरे जाएं और आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

धरने के दौरान लोगों ने कहा कि क्षेत्र की बड़ी आबादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए इसी अस्पताल पर निर्भर है, लेकिन पर्याप्त संसाधनों और विशेषज्ञ डॉक्टरों के अभाव में मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बाद में डिप्टी सीएमओ डॉ. बृजेश डोभाल ने धरना स्थल पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से वार्ता की और उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। लिखित आश्वासन मिलने के बाद लोगों ने धरना समाप्त कर दिया।

नौगांव और थत्यूड़ में हुए इन प्रदर्शनों ने एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी हकीकत को उजागर कर दिया है। अब लोगों की निगाहें सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर टिकी हैं कि वे इन मांगों को कितनी गंभीरता से लेते हैं और कब तक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाते हैं।

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