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दुःखद: उत्तराखंड के युवा कलाकार गुंजन डंगवाल की सड़क हादसे में मौत

उत्तराखंड संगीत जगत से इस वक़्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां आज उत्तराखंड ने संगीत जगत में अपना अनोखा नाम बना चुके उभरते सितारे, जिन्होंने चैता की चैतवाल, नन्दू मामा की स्याळी व कई सुपरहिट गीत पेश किये ऐसे युवा कलाकार गुंजन डंगवाल की आज सड़क हादसे में मृत्यु हो गयी। उनकी असामयिक निधन की खबर से उत्तराखंड में शोक की लहर है।

यह साल संगीत जगत के लिए दुखदायी रहा है। जहां एक और कुछ दिन पूर्व ही देश ने संगीत जगत के दो सितारे खोए वही उत्तराखंड ने भी संगीत जगत में अपना एक चमकता सितारा खो दिया।

उत्तराखंड संगीत इंडस्ट्री के उभरते हुए युवा संगीतकार एवं रिद्म की स्टाइल को नया स्वरूप प्रदान करने के लिए पहचाने जाने वाले संगीतकार गुंजन डंगवाल का चंडीगढ़ के पास सड़क दुर्घटना में आकस्मिक निधन हो गया है। वह देहरादून से चंडीगढ़ अपने दोस्त के पास जा रहे थे।

परिवार के करीबियों ने पुष्टि करते हुए बताया कि यह हादसा तड़के चार से पांच बजे के बीच हुआ। वह रात के समय चंडीगढ़ के लिए देहरादून के बंजारावाला स्थित टिहरी विस्थापित कॉलोनी के अपने घर से रवाना हुए थे, जिस दोस्त के पास उन्हें जाना था। उसने गुंजन के समय पर न पहुंचने पर गुंजन के मोबाइल में बीस से पच्चीस कॉल किए। इसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। बताया जा रहा है कि वह अपनी स्विफ्ट कार में सवार थे और दुर्घटना के वक्त अकेले ही थे। दुर्घटना की सूचना मिलते ही उनके माता-पिता देहरादून से चंडीगढ़ के लिए रवाना हो गए। देर शाम तक उनके वापस दून पहुंचने की संभावना है।

उनके साथ काम कर चुके एक अन्य संगीतकार रिद्मिस्ट ए प्लस स्टुडिया के रणजीत सिंह ने बताया कि गुंजन बेहद प्रतिभाशाली संगीतकार थे। उत्तराखंडी गीत संगीत के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर गुंजन के आकस्मिक निधन पर शोक संदेशों की भरमार होने लगी है। अनेकों लोग इस आकस्मिक घटना पर स्तब्ध हैं।

उनकी मृत्यु की खबर के बाद सीएम धामी, सतपाल महाराज, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ,गढरत्न नरेंद्र सिंह नेगी , जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण सहित अन्य कलाकारो ने शोक व्यक्त कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी है।

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