पौड़ी जनपद के सतपुली क्षेत्र में 19 वर्षीय युवक पंकज कुमार की आत्महत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। रैतपुर गांव निवासी पंकज ने बीते शनिवार को कथित तौर पर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए आत्महत्या कर ली, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है। घटना के बाद न केवल स्थानीय लोग बल्कि विभिन्न राजनीतिक दल और छात्र संगठन भी सड़क पर उतर आए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी पौड़ी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सतपुली के एसओ को हटा दिया और जांच की जिम्मेदारी अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार को सौंप दी। जांच अधिकारी मनोज ठाकुर ने बताया कि उन्होंने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल की जा रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
इधर, इस प्रकरण को लेकर विरोध-प्रदर्शन लगातार तेज होते जा रहे हैं। प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने रविवार को बड़ा प्रदर्शन किया, जबकि सोमवार को उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने भी सतपुली थाने में धरना देकर आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। मृतक की मां भी इस प्रदर्शन में शामिल रहीं और न्याय की गुहार लगाई। यूकेडी नेताओं ने पुलिस पर कथित बर्बरता और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं।
सिर्फ राजनीतिक दल ही नहीं, छात्र संगठनों ने भी इस मामले को लेकर आवाज बुलंद की है। श्रीनगर में ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा) के कार्यकर्ताओं ने गढ़वाल विश्वविद्यालय परिसर के बाहर प्रदर्शन करते हुए पुलिस प्रशासन का पुतला दहन किया। छात्रों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए दोषियों को सख्त सजा देने की बात कही।
इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि पंकज की मौत के पीछे की असल वजह क्या थी। फिलहाल, परिजन और आमजन एक ही मांग कर रहे हैं—न्याय, और सिर्फ न्याय।







