इस बैठक में सचिव दीपक कुमार ने जिले में योजनाओं के क्रियान्वयन, उनके तहत मिली उपलब्धियों तथा नवाचारी कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय के नेतृत्व में जनपद में हुए नवाचारों की विशेष सराहना की और इन्हें अनुकरणीय बताया।
जिलाधिकारी ने दिए कार्यों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण
जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय ने जिले में किए जा रहे प्रमुख नवाचारों और योजनाओं के कार्यान्वयन की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महावतार बाबा की गुफा तक जाने वाले मार्ग को इको ट्रैक के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसके लिए वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था जिला स्तर से ही की गई है। जागेश्वर के निकट स्थित ‘ऐरावत गुफा’ को ध्यान स्थल (Meditational Point) के रूप में विकसित किया जा रहा है।
‘जटा गंगा ट्रैक’ को एक प्री-वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की योजना है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। जिलाधिकारी ने इन परियोजनाओं सहित अन्य योजनाओं का भी क्रमवार प्रस्तुतीकरण दिया, जिनमें ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, पर्यटन, शिक्षा और जनकल्याण से जुड़ी योजनाएं शामिल थीं।
सचिव ने नवाचारों की सराहना की
सचिव दीपक कुमार ने जनपद में हो रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के नवाचारी प्रयास जिले के सतत विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा सभी अधिकारी पूरी निष्ठा एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें।
सचिव ने बैठक के दौरान मुख्यमंत्री घोषणाओं की भी विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी घोषणाओं को निर्धारित समय-सीमा में, गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने ‘सरकार जनता के द्वार’ कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे निर्धारित रोस्टर के अनुसार गांवों का भ्रमण करें और जनता की शिकायतों को प्राथमिकता से सुनें एवं उनका समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई समस्या स्थानीय स्तर पर हल नहीं हो सकती, तो उसे उच्च स्तर पर भेजा जाए।
संस्कृत ग्राम योजना का हुआ उल्लेख
बैठक में सचिव ने बताया कि उत्तराखंड शासन द्वारा प्रदेश की प्राचीन संस्कृति और संस्कृत भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रत्येक जिले में एक संस्कृत ग्राम चयनित किया गया है।
अल्मोड़ा जनपद में ताड़ीखेत विकासखंड के जैंती पांडेकोटा गांव को संस्कृत ग्राम के रूप में चुना गया है। यहां संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने, संस्कृत शिक्षण को लोकप्रिय बनाने और सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
बैठक में अनेक वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी सी.एस. मर्तोलिया, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नवीन चंद्र तिवारी, उपजिलाधिकारी (सदर) संजय कुमार सहित कई अन्य विभागीय अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे और उन्होंने अपने-अपने विभागों से जुड़ी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
सचिव दीपक कुमार की यह बैठक अल्मोड़ा जिले में जनहितकारी योजनाओं की समीक्षा, नवाचारों की सराहना, और जन संवाद आधारित प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रही। इससे जिले में चल रहे विकास कार्यों को नया प्रोत्साहन मिला है और अधिकारियों को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा भी मिली।


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