जीबी पंत विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय श्रीअन्न महोत्सव 2025 का शुभारंभ

जीबी पंत विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय श्रीअन्न महोत्सव 2025 का शुभारंभ

गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में 21 अगस्त 2025 को श्रीअन्न महोत्सव (मोटे अनाज) का भव्य शुभारंभ किया गया। इस महोत्सव में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

इसकी शुरुआत राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह द्वारा जीर्णोद्धार किए गए गांधी हाल के लोकार्पण से हुई। इसके पश्चात उन्होंने श्रीअन्न महोत्सव में लगे विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान के गतिशील नेतृत्व में यह महोत्सव पोषण सुरक्षा, स्थिरता और किसानों के सशक्तिकरण में श्रीअन्न की भूमिका को प्रदर्शित करने वाला एक उल्लेखनीय मंच सिद्ध हुआ।

मुख्य अतिथि राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने ‘जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान एवं जय अनुसंधान’ के उद्घोष के साथ अपना उद्बोधन प्रारंभ किया। उन्होंने कहा कि श्रीअन्न महोत्सव का आयोजन राष्ट्र निर्माण, भोजन की आदतों में बदलाव और उत्तम स्वास्थ्य की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने में विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की।

राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड श्रीअन्न उत्पादन के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है। यहां की जलवायु, मिट्टी और परंपराएं श्रीअन्न को एक प्राकृतिक वरदान प्रदान करती हैं। मडुवा, रागी, झंगोरा, कोदा, कौणी, सावा, रामदाना जैसी फसलें उत्तराखंड की पहचान हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के आयोजनों से किसान भाई-बहनों को श्रीअन्न की खेती के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

उन्होंने इस बात पर विशेष हर्ष व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय ने भारतीय सेना के साथ मिलकर सैनिकों के भोजन में श्रीअन्न को शामिल करने का समझौता किया है, जो सैनिकों के स्वास्थ्य और मनोबल के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। उन्होंने जनरल बिपिन रावत पर्वतीय शोध निदेशालय की स्थापना का भी उल्लेख किया, जिसका उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों में श्रीअन्न उत्पादन और अनुसंधान को बढ़ावा देना है।

राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा श्रीअन्न आधारित व्यंजनों और उत्पादों पर किए जा रहे प्रयोगों का लाभ न केवल किसानों, बल्कि सैनिकों और आम जनता को भी मिलेगा। उन्होंने युवाओं और महिलाओं को श्रीअन्न आधारित उद्यमों में भागीदारी के लिए प्रेरित किया और इसे आत्मनिर्भर भारत और टिकाऊ खाद्य प्रणालियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उत्तराखंड सरकार श्रीअन्न उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है। उन्होंने सभी उपस्थितजनों से आग्रह किया कि वे अपने भोजन में श्रीअन्न को नियमित रूप से शामिल करें और बच्चों व युवाओं को श्रीअन्न आधारित व्यंजन खाने की आदत डालें।

राज्यपाल ने वैज्ञानिकों एवं शिक्षाविदों से आग्रह किया कि वे श्रीअन्न पर और अधिक शोध करें और इसके नवीन उत्पाद विकसित करें। उन्होंने कुलपति के नेतृत्व की सराहना करते हुए विश्वविद्यालय को क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में 209वां स्थान प्राप्त करने पर बधाई दी।

कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में ‘अंतरराष्ट्रीय श्रीअन्न वर्ष 2023’ के अनुरूप श्रीअन्न को राष्ट्रीय मिशन के रूप में पुनर्जीवित करने पर बल दिया। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने और पोषण सुधारने हेतु श्रीअन्न आधारित उत्पादों के अनुसंधान, मूल्य संवर्धन एवं विपणन में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही, विश्वविद्यालय की प्रगति पर भी प्रकाश डाला।

इस अवसर पर राज्यपाल द्वारा नए सत्र में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम की शुरुआत निदेशक शोध डॉ. अजीत नैन के स्वागत भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने महोत्सव के उद्देश्यों और स्वास्थ्य, जलवायु तथा आजीविका संबंधी चुनौतियों से निपटने में श्रीअन्न-आधारित कृषि प्रणालियों की भूमिका पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित संकाय सदस्यों डॉ. जे.पी. जायसवाल, डॉ. ए.एस. नैन, डॉ. एस.के. वर्मा, डॉ. अर्चना कुशवाह, डॉ. प्रमोद मल्ल और डॉ. आर.पी.एस. गंगवार द्वारा लिखित विभिन्न पुस्तकों का राज्यपाल के कर-कमलों द्वारा विमोचन था।

पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. जे.एल. सिंह द्वारा डिज़ाइन की गई प्राथमिक चिकित्सा किट, जो किसानों के खेत में कार्य के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु बनाई गई है, चयनित कृषकों को वितरित की गई।

साथ ही, कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सुनीता साह, बीना देवी, श्याम सिंह, श्याम दत्त मिश्रा और धन सिंह को सम्मानित किया गया।

इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, कर्नल ढिल्लन, कर्नल अजीत, सीएमओ डॉ. के.के. अग्रवाल, निदेशकगण, अधिष्ठाता, कुलसचिव, संकाय सदस्य, किसान, जवान एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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