उत्तराखंड में सत्ता में वापसी के लिए संघर्ष कर रही कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है। पुरोला से कांग्रेस विधायक राजकुमार ने नई दिल्ली में भाजपा का दामन थाम लिया है। भाजपा मुख्यालय में राजकुमार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक और राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने पार्टी की सदस्यता दिलाई।
विधानसभा चुनाव की रणनीति बना रही भाजपा ने कुछ दिन पहले धनौल्टी विधानसभा से विधायक प्रीतम सिंह पंवार को पार्टी में शामिल किया है। इसके बाद राजकुमार के भाजपा में आने को उसकी अच्छी तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है।

2007 में सहसपुर (आरक्षित) सीट से भाजपा ने राजकुमार को टिकट दिया। वह चुनाव जीते लेकिन इसके बाद 2012 सहसपुर सीट जनरल कैटेगिरी में आ गई। इसके बाद उन्होंने 2012 में पुरोला सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा। उन्हें भाजपा के मालचंद ने हराया। राजकुमार यहां दूसरे नंबर पर रहे थे। 2017 में वह कांग्रेस में शामिल हो गए थे, इसके बाद उन्होंने पुरोला सीट से जीत दर्ज की। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के नजदीकी माने जाने वाले राजकुमार पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को कांग्रेस द्वारा चुनाव की कमान सौंपे जाने से नाराज थे, ऐसी अटकलें थीं कि उनका टिकट कट सकता है। यही वजह है कि वह भाजपा में शामिल हो गए।
उधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने राजकुमार के भाजपा का दामन थामने को कमजोर कड़ियों का टूटना बताया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, उनकी राजनीतिक स्थिति पुरोला विधानसभा में कैसी थी, ये बात किसी से छुपी नहीं है। परमेश्वर की हम पर ऐसी कृपा है कि जो-जो हमारी कमजोर कड़िया हैं, वो सभी विधानसभाएं कमजोरी से मजबूती की ओर बढ़ रही हैं।


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