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वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सिद्धबाबा महोत्सव शुरू, पिंडी और हनुमान का हुआ महाभिषेक

कोटद्वार में स्थित प्रसिद्ध सिद्धबली सिद्धपीठ मंदिर में शुक्रवार को वैदिक मंत्रोच्चार और पिंडी व हनुमान जी के महाभिषेक के साथ तीन दिवसीय सिद्धबाबा महोत्सव का शुभारंभ हुआ। हर वर्ष की तरह इस बार भी महोत्सव की शुरुआत आध्यात्मिक धूमधाम के साथ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने सम्मिलित होकर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। सुबह ब्रह्ममुहूर्त में ही श्रद्धालु मंदिर प्रांगण में एकत्र हुए। पिंडी और हनुमान जी का महाभिषेक 12 वैदिक आचार्यों की उपस्थिति में पूर्ण विधि-विधान से संपन्न किया गया। इस अवसर पर वैदिक मंत्रों की गूंज से मंदिर परिसर का वातावरण पवित्र और ऊर्जा से भर गया।

महंत दिलीप रावत के नेतृत्व में गंगा नदी से जल लाकर विशेष गंगा पूजन संपन्न हुआ। भक्तों ने खोह नदी से जल भरकर मंदिर परिसर में पहुंचाया और भगवान सिद्धबाबा के चरणों में अर्पित किया। इस दौरान भक्तों ने भक्ति-भाव से हवन, पूजा तथा कुंडीय यज्ञ में भाग लिया। माना जाता है कि इस पूजा में सम्मिलित होने से परिवार में शांति और आरोग्यता बनी रहती है।

महोत्सव का संचालन महोत्सव समिति के अध्यक्ष डॉ. जे.बी. ध्यानी, महामंत्री जीत सिंह रावत, अध्यक्षता समिति सदस्य पूर्व अध्यापक सुभाष चंद्र रावत और पुजारियों की टीम ने संयुक्त रूप से किया। आयोजकों ने बताया कि तीन दिनों तक होने वाले इस महोत्सव में सुबह-सुबह विशेष पूजा, हवन, भजन-कीर्तन और देव दर्शन आयोजित किए जाएंगे। मंदिर परिसर में आए भक्तों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। सुरक्षा, प्रसाद वितरण और भीड़ प्रबंधन में स्वयंसेवक लगातार जुटे हुए हैं। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, श्रद्धालु और आसपास के क्षेत्रों से आए भक्त इस महोत्सव का हिस्सा बने, जिसके चलते कोटद्वार शहर में भी रौनक देखी जा रही है।

महोत्सव के दूसरे दिन कलश यात्रा निकाली जाएगी, जबकि अंतिम दिन हवन पूर्णाहुति के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ इस धार्मिक आयोजन में शामिल हो रहे हैं और भगवान सिद्धबाबा से अपने जीवन में उन्नति और सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।

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Hill Mail

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