चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या अब यात्रा मार्गों पर भारी दबाव बनाती दिखाई दे रही है। रुद्रप्रयाग से लेकर सोनप्रयाग तक प्रमुख कस्बों और बाजारों में घंटों लंबा जाम लगने से यात्री बेहाल हैं। चिलचिलाती गर्मी के बीच सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं, जिससे यात्रियों के साथ स्थानीय लोगों और व्यापारियों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बीते एक सप्ताह में बदरी-केदार यात्रा ने रफ्तार पकड़ी है। हजारों की संख्या में निजी वाहन, टैक्सी, बसें और अन्य यात्री वाहन यात्रा मार्गों पर दौड़ रहे हैं। सुबह से देर शाम तक सड़कों पर वाहनों का दबाव लगातार बना रहने से कई स्थानों पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। मंगलवार को रुद्रप्रयाग नगर में दिनभर रुक-रुककर जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस ने वाहनों को नियंत्रित कर यातायात सुचारू रखने की कोशिश की, लेकिन वाहनों का अत्यधिक दबाव होने के कारण हालात बार-बार बिगड़ते रहे।
रुद्रप्रयाग के अलावा तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि, कुंड, गुप्तकाशी, फाटा और सोनप्रयाग में भी जाम ने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दीं। खासकर कुंड और बांसवाड़ा क्षेत्र में कई यात्री दो से तीन घंटे तक जाम में फंसे रहे। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगने से एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं के संचालन में भी दिक्कतें सामने आ रही हैं।
गर्मी और धूल के बीच छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। कई यात्रियों ने बताया कि घंटों तक वाहन रेंगने की स्थिति में रहे, जिससे खाने-पीने और पानी तक की समस्या हो गई। यात्रा मार्गों पर जगह-जगह वाहनों के रुकने से स्थानीय बाजारों में भी अव्यवस्था बढ़ रही है।
यात्रा मार्ग पर व्यापार कर रहे स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि जाम के कारण ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। कई बार सड़क पूरी तरह जाम हो जाने से लोग बाजार तक पहुंच ही नहीं पा रहे। व्यापारियों ने प्रशासन से बेहतर ट्रैफिक प्लान लागू करने की मांग की है ताकि यात्रा और स्थानीय गतिविधियों के बीच संतुलन बना रहे।
उधर श्रीनगर में भी मंगलवार को दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। बदरीनाथ हाईवे पर यात्री वाहनों की संख्या बढ़ने और पेट्रोल पंपों पर तेल भरवाने के लिए उमड़ी भीड़ के कारण यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। पेट्रोल पंप से लेकर घसिया महादेव क्षेत्र तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। स्कूल जाने वाले बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और स्थानीय निवासियों को घंटों जाम में फंसना पड़ा। पुलिसकर्मियों को यातायात नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
ऋषिकेश बस अड्डे पर भी यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिली। परिवहन निगम और निजी बसों में सीटों की बुकिंग फुल रहने से यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। कई यात्रियों को घंटों बसों का इंतजार करना पड़ा, जबकि कुछ को यात्रा स्थगित करनी पड़ी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आने वाले दिनों में स्कूलों की छुट्टियां शुरू होने वाली हैं, जिससे चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ सकती है। ऐसे में यदि अभी से ठोस यातायात प्रबंधन नहीं किया गया तो हालात और अधिक गंभीर हो सकते हैं। लोगों ने पुलिस और परिवहन विभाग से अतिरिक्त जवानों की तैनाती, पार्किंग व्यवस्था मजबूत करने और यातायात डायवर्जन की बेहतर योजना लागू करने की मांग की है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि जहां-जहां जाम की स्थिति बन रही है, वहां तत्काल यातायात सुचारू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार यात्रा सीजन को देखते हुए अतिरिक्त व्यवस्थाओं पर भी काम किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को कम से कम परेशानी हो और स्थानीय लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित न हो।








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