कोरोना के इस संकट काल में गरीब और बेसहारा लोगों को मदद की सख्त जरूरत है जिनके पास कमाई का जरिया नहीं है। ऐसे लोग मास्क, सेनेटाइजर का खर्च नहीं उठा सकते या कहें कि कोरोना से अपनी रक्षा नहीं कर सकते हैं। इन्हें संक्रमण से बचाने के लिए कई सामाजिक संगठन भी काम कर रहे हैं। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के धारचूला-मुनस्यारी के दुर्गम इलाकों में लोगों के लिए मदद का पर्याय बनकर उभरा है सत्कर्मा मिशन। हिमालयन पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी वीरेंद्रानंद की प्रेरणा से चलने वाला यह संगठन मिशन मोड में लोगों तक जरूरी दवाएं, मास्क सैनिटाइजर और राशन पहुंचा रहा है।
स्वामी वीरेंद्रानंद के निर्देशन में सत्कर्मा कोविड आर्मी गठित की गई है, जो जरूरतमंदों की दिन-रात मदद कर रही है। हाल में मिशन के सदस्यों ने बिर्थी, मुनस्यारी, बसंतकोट, मदकोट, बंगापानी, जाराजिबली, बरम और कई गांवों में पहुंचकर क्षेत्रवासियों का हालचाल जाना। लोगों के बुखार की जानकारी ली और पीड़ितों को जरूरत के अनुसार कोविड मेडिसिन किट वितरित की गई।
सबसे अहम बात यह है कि सत्कर्मा मिशन की इस मुहिम में समाज के सभी वर्गों के लोग जुड़ रहे हैं। सरकारी सेवा, समाज सेवा, राजनीति जैसे क्षेत्रों से लोग सत्कर्मा मिशन के अभियान में योगदान दे रहे हैं। डॉ. दुर्गा प्रसाद, डॉ. नवीन चंद्र शर्मा प्रधानाचार्य विवेकानंद इंटर कॉलेज मुनस्यारी, कुणाल राठौड़ भाजयुमो के पदाधिकारी, श्रीमती भागीरथी परिहार समाज सेविका और भाजपा कार्यकर्ता प्रेम सिंह परिहार और अनेक समाजसेवियों ने साथ मिलकर जरूरतमंदों को कोविड मेडिसन किट प्रदान की।

धारचूला विधानसभा में वैश्विक महामारी से पीड़ित लोगों तक भी सत्कर्मा मिशन के लोग पहुंचे। सत्कर्मा कोविड आर्मी के संस्थापक स्वामी वीरेंद्रानंद के निर्देशन में सत्कर्मा कोविड आर्मी गांव-गांव पहुंच रही है। सृदांग से जिला पंचायत सदस्य के प्रतिनिधि और युवा नेता सोनू मर्तोलिया की टीम के सदस्यों ने पांगला, जयकोट, गसकु, कुरीला, गर्वाधार, माकं कैलाश, सिरखा गांव में पहुंचकर बुखार पीड़ितों को दवाएं मुहैया कराई।





Leave a comment