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पीएमश्री राजकीय कीर्ति इंटर कॉलेज उत्तरकाशी के एनसीसी कैडेट सचिन कुमार का चयन एनसीसी (एनसीसी) एवरेस्ट (माउंट एवरेस्ट) एक्सपीडिशन हेतु हुआ है।
READ MOREगैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने की मांग साठ के दशक में पहली बार उठी थी। इस मांग को उठाने वाले कोई और नहीं, बल्कि पेशावर कांड के महानायक वीर चंद्र सिंह गढ़वाली थे। यही वजह रही कि उत्तराखंड क्रांति दल ने उस दौर में गैरसैंण को गढ़वाली के नाम पर चंद्रनगर रखा था।
READ MOREउत्तराखंड साल 2000 में 13 जिलों के साथ अस्तित्व में आया था। 15 अगस्त, 2011 को तत्कालीन मुख्यमंत्री ने चार नए जिलों के निर्माण की घोषणा की। इनमें उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री, पौड़ी में कोटद्वार, अल्मोड़ा में रानीखेत और पिथौरागढ़ में डीडीहाट को नया जिला घोषित किया गया। लेकिन सीएम पद से हटते ही ये मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
READ MOREचम्पावत जिले के बारी गांव के मूल निवासी हीरा बल्लभ जोशी (आईआरएएस) भारत सरकार के रेलवे मंत्रालय के उपक्रम डेडीकेटेड बीवी फ्रेंट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (डीएफसीसीआईएल) के प्रबंध निदेशक पद पर पदस्थ किए गए हैं। उक्त महत्वपूर्ण शीर्ष पद पर आसीन होने वाले वे उत्तराखंड की पहली विभूति हैं।
READ MOREउत्तराखंड के कई इलाकों में खूब बारिश हो रही है जिसके कारण कई जगहों पर सड़क मार्ग बंद हो गया है। इस साल कई स्थानों में तो खूब बारिश हुई लेकिन कुछ जगहों में बारिश सामान्य से भी कम हुई है। कहीं यह ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के कारण तो नहीं हो रहा है। इस विषय पर सब लोगों को चिन्तन करने की आवश्यकता है।
READ MOREमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि कानून-व्यवस्था का सख्ती से पालन करवाया जाए। राज्य में रह रहे बाहरी लोगों को सघनता से सत्यापन किया जाए।
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उत्तराखंड राज्य आन्दोलन का मूल उद्देश्य केवल पृथक राज्य बनाना नहीं था, बल्कि पहाड़ की आवश्यकताओं के अनुरूप शासन व्यवस्था स्थापित करना था। गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाना उसी संकल्प और जनभावना को साकार करने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है।
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उत्तराखंड के श्रीनगर के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। जल्द ही पंच पीपल से स्वीत तक 7.5 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड का निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है। यह एलिवेटेड रोड अलकनंदा नदी के किनारे से होकर गुजरेगा और इसकी कनेक्टिविटी रेलवे स्टेशन, श्रीनगर बाजार, एनआईटी श्रीनगर, एसएसबी ट्रेनिंग सेंटर, गढ़वाल विश्वविद्यालय और राजकीय आईटीआई जैसे प्रमुख संस्थानों से होगी।
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