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पीएम मोदी के शुरुआती जीवन पर आधारित ‘साधु से सेवक’ पुस्तक की एक विशेषता यह भी है कि इसकी प्रस्तावना गृहमंत्री अमित शाह ने लिखी है। उनके ही शब्दों को दोहराएं तो ‘साधु में सेवक पुस्तक हमें एक ऐसे अद्वितीय प्रतिभाशाली बालक की जीवंत कथा बताती है, जो आदर्श और परिश्रमी माता-पिता के सद्संस्कारों, समाज एवं राष्ट्र के लिए समर्पण का संकल्प लेने वाले वैचारिक अधिष्ठान की सीख के साथ राष्ट्र का समर्पित सेवक सिद्ध हुआ है।’
READ MOREप्रभु श्री राम की कथा सर्वविदित है। भगवान विष्णु के सातवें अवतार ने समाज को जीने की राह दिखाई और धर्म एवं सत्य के मार्ग पर चले। इस राह में कांटे भी थे पर उन्होंने एक आम इंसान की तरह अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर मर्यादा का सर्वोच्च मानदंड प्रस्तुत किया। यही कारण है कि भारत के साथ-साथ विश्व के कई देशों में श्रीराम पूजनीय हैं। ऐसे में रामकथा पर 23 जून को एक वेबिनार आयोजित किया गया।
READ MOREपीएम नरेंद्र मोदी की आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित है पुस्तक। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लिखी है पुस्तक की प्रस्तावना। लेखक से मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने अपने उत्तराखंड से जुड़ाव और शुरुआती सफर को याद करते हुए कई आध्यात्मिक स्थलों का जिक्र किया।
READ MOREअनिल धस्माना की छवि बिना किसी दबाव के निष्पक्ष कार्रवाई करने वाले अधिकारी की रही है। उन्हें रॉ चीफ बनाने के मोदी सरकार के फैसले से ही पाकिस्तानी हुकूमत में खलबली मच गई थी। अब उनके एनटीआरओ चीफ बनने से पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ना लाजिमी है।
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पीएम मोदी के शुरुआती जीवन पर आधारित ‘साधु से सेवक’ पुस्तक की एक विशेषता यह भी है कि इसकी प्रस्तावना गृहमंत्री अमित शाह ने लिखी है। उनके ही शब्दों को दोहराएं तो ‘साधु में सेवक पुस्तक हमें एक ऐसे अद्वितीय प्रतिभाशाली बालक की जीवंत कथा बताती है, जो आदर्श और परिश्रमी माता-पिता के सद्संस्कारों, समाज एवं राष्ट्र के लिए समर्पण का संकल्प लेने वाले वैचारिक अधिष्ठान की सीख के साथ राष्ट्र का समर्पित सेवक सिद्ध हुआ है।’
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प्रभु श्री राम की कथा सर्वविदित है। भगवान विष्णु के सातवें अवतार ने समाज को जीने की राह दिखाई और धर्म एवं सत्य के मार्ग पर चले। इस राह में कांटे भी थे पर उन्होंने एक आम इंसान की तरह अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर मर्यादा का सर्वोच्च मानदंड प्रस्तुत किया। यही कारण है कि भारत के साथ-साथ विश्व के कई देशों में श्रीराम पूजनीय हैं। ऐसे में रामकथा पर 23 जून को एक वेबिनार आयोजित किया गया।
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