[fvplayer id=”10″]
आशीष डंगवाल कहते हैं, सरकारी स्कूलों में बहुत जगह अच्छा काम हो रहा है। सुदूर क्षेत्रों में भी कई लोग बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। उन लोगों को भी सामने लाने की जरूरत है। लॉकडाउन के दौरान स्कूलों के आसपास रहने वाले शिक्षकों ने अपने स्कूलों में सौंदर्यीकरण का बहुत काम किया है।
READ MOREहिल-मेल ने समय-समय पर उत्तराखंड के स्कूलों के बदलते स्वरूप की कई कहानियां सामने रखी हैं। फिर चाहे वह चमोली जिले के विकास खंड नारायणबगड़ स्थित चोपता गांव का एक सरकारी स्कूल हो, पिथौरागढ़ के चिट्गल का राजकीय प्राथमिक विद्यालय हो, पौड़ी के यमकेश्वर के धारकोट का प्राथमिक विद्यालय हो, अल्मोड़ा के बजेला का प्राथमिक विद्यालय हो या टिहरी के गरखेत का जीआईसी।
READ MORE


[fvplayer id=”10″]

आशीष डंगवाल कहते हैं, सरकारी स्कूलों में बहुत जगह अच्छा काम हो रहा है। सुदूर क्षेत्रों में भी कई लोग बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। उन लोगों को भी सामने लाने की जरूरत है। लॉकडाउन के दौरान स्कूलों के आसपास रहने वाले शिक्षकों ने अपने स्कूलों में सौंदर्यीकरण का बहुत काम किया है।
READ MORE
हिल-मेल ने समय-समय पर उत्तराखंड के स्कूलों के बदलते स्वरूप की कई कहानियां सामने रखी हैं। फिर चाहे वह चमोली जिले के विकास खंड नारायणबगड़ स्थित चोपता गांव का एक सरकारी स्कूल हो, पिथौरागढ़ के चिट्गल का राजकीय प्राथमिक विद्यालय हो, पौड़ी के यमकेश्वर के धारकोट का प्राथमिक विद्यालय हो, अल्मोड़ा के बजेला का प्राथमिक विद्यालय हो या टिहरी के गरखेत का जीआईसी।
READ MORE