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डोबरा-चांठी पुल की कुल लंबाई 725 मीटर है, जिसमें 440 मीटर सस्पेंशन ब्रिज है तथा 260 मीटर आरसीसी डोबरा साइड एवं 25 मीटर स्टील गार्टर चांटी साइड है। यह पुल भारत, दक्षिण कोरिया और चीन के इंजीनियरों के हुनर की देन है। देखने से ही लगता है कि इस प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारना आसान काम नहीं था। पुल के टावर की ऊंचाई कुतुबमीनार से महज 34 फीट कम है।
READ MOREये वही डोबरा-चांठी पुल है, जो किसी दौर में खराब इंजीनियरिंग और कथित भ्रष्टाचार के लिए बदनाम रहा। लेकिन 2017 में त्रिवेंद्र सरकार ने इस पुल के निर्माण को रफ्तार और प्राथमिकता दी। लंबे समय से अटके इस पुल के लिए सीएम त्रिवेंद्र ने 88 करोड़ रुपये का एकमुश्त बजट जारी किया, जिसका परिणाम यह हुआ कि पुल का काम तेजी से पूरा हुआ।
READ MOREटिहरी झील के ऊपर बनाया जा रहा डोबरा चांठी पुल का निर्माण कार्य पूरा होने से 3 लाख से ज्यादा की आबादी को जिला मुख्यालय तक आने के लिए 100 किलोमीटर की दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। टिहरी आने वाले पर्यटक प्रतापनगर भी आ सकेंगे।
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डोबरा-चांठी पुल की कुल लंबाई 725 मीटर है, जिसमें 440 मीटर सस्पेंशन ब्रिज है तथा 260 मीटर आरसीसी डोबरा साइड एवं 25 मीटर स्टील गार्टर चांटी साइड है। यह पुल भारत, दक्षिण कोरिया और चीन के इंजीनियरों के हुनर की देन है। देखने से ही लगता है कि इस प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारना आसान काम नहीं था। पुल के टावर की ऊंचाई कुतुबमीनार से महज 34 फीट कम है।
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ये वही डोबरा-चांठी पुल है, जो किसी दौर में खराब इंजीनियरिंग और कथित भ्रष्टाचार के लिए बदनाम रहा। लेकिन 2017 में त्रिवेंद्र सरकार ने इस पुल के निर्माण को रफ्तार और प्राथमिकता दी। लंबे समय से अटके इस पुल के लिए सीएम त्रिवेंद्र ने 88 करोड़ रुपये का एकमुश्त बजट जारी किया, जिसका परिणाम यह हुआ कि पुल का काम तेजी से पूरा हुआ।
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