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वेदांन्त बिष्ट ने उत्तराखंड से ही ड्रोन उड़ाने की तकनीक सीखी और अब रिलायंस समूह की हिस्सेदारी वाली देश की प्रतिष्ठित कंपनी एस्टीरिया एयरोस्पेस में डीजीसीए द्वारा सर्टिफाइड ड्रोन पायलट के तौर पर काम कर रहे हैं। उत्तराखंड में ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर की स्थापना का पहला प्रस्ताव हिल-मेल के फ्लैगशिप कार्यक्रम ‘रैबार’ के साल 2017 में देहरादून में आयोजित पहले संस्करण में नेशनल टेक्नीकल रिसर्स आर्गेनाइजेशन (एनटीआरओ) के तत्कालीन प्रमुख आलोक जोशी ने रखा था।
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वेदांन्त बिष्ट ने उत्तराखंड से ही ड्रोन उड़ाने की तकनीक सीखी और अब रिलायंस समूह की हिस्सेदारी वाली देश की प्रतिष्ठित कंपनी एस्टीरिया एयरोस्पेस में डीजीसीए द्वारा सर्टिफाइड ड्रोन पायलट के तौर पर काम कर रहे हैं। उत्तराखंड में ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर की स्थापना का पहला प्रस्ताव हिल-मेल के फ्लैगशिप कार्यक्रम ‘रैबार’ के साल 2017 में देहरादून में आयोजित पहले संस्करण में नेशनल टेक्नीकल रिसर्स आर्गेनाइजेशन (एनटीआरओ) के तत्कालीन प्रमुख आलोक जोशी ने रखा था।
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