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फूलदेई के दिन सुबह-सुबह छोटे-छोटे बच्चे अपनी रिंगाल की टोकरियों में बुरांश और फ्योंलि के फूल रख कर घर-घर जाते हैं। सबके दरवाजे पर फूल चढ़ाकर फूलदेई के गीत गाते हैं। फूलदेई छम्मा देई और लोग उन्हें बदले में चावल, गुड़ और पैसे देते हैं। देवताओं का स्वरूप बच्चे सभी की देहरी में फूल डाल कर समृद्धि की कामना करते हैं।
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फूलदेई के दिन सुबह-सुबह छोटे-छोटे बच्चे अपनी रिंगाल की टोकरियों में बुरांश और फ्योंलि के फूल रख कर घर-घर जाते हैं। सबके दरवाजे पर फूल चढ़ाकर फूलदेई के गीत गाते हैं। फूलदेई छम्मा देई और लोग उन्हें बदले में चावल, गुड़ और पैसे देते हैं। देवताओं का स्वरूप बच्चे सभी की देहरी में फूल डाल कर समृद्धि की कामना करते हैं।
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